श्रीनगर में बाढ़ पीड़ितों को बचाने गए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) के बठिंडा यूनिट के दो लोगों पर हमलाकर उनकी बोट छीन ली गई है। श्रीनगर से एयरफोर्स के विमान से चंडीगढ़ पहुंचे समीर कुमार ने बताया कि वे और उनके साथ पिछले चार दिन से लोगों की मदद कर रहे थे।
हमारी यूनिट ने कम से कम 500 लोगों को बचाया गया। श्रीनगर की वीबी वाला रोड पर जब वे पहुंचे तो वहां पर लोगों की काफी भीड़ थी। समीर व उनके साथियों के पास बोट थी। उन्होंने लोगों से बोट पर बैठने को कहा तो पूरी की पूरी भीड़ बोट पर बैठने लगी।
इससे बोट का बैलेंस बिगड़ने लगा। समीर ने उन्हें रोका तो उन पर लोगों ने हमला कर दिया। समीर के गर्दन पर चाकू के निशान हैं जबकि हाथ के अंगूठे में फैक्चर है। प्रभावित लोगों ने उनकी बोट भी छीन ली। बाद में समीर व उनके साथी सीआरपीएफ कैंप में आ गए। सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें आर्मी के कैंप में पहुंचाया। मंगलवार को श्रीनगर से उन्हें चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर उतारा गया।
तीन दिन छत पर भूखी-प्यासी बैठी रहीं कर्नल की पत्नी
पटियाला निवासी रिटायर्ड कर्नल मनिंदर सिंह की पत्नी मीना रंधावा भी श्रीनगर के शिवपुरा में फंस गईं थीं। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में भी उनका एक घर है। वे कुछ दिन पहले ही श्रीनगर वाले घर पर गईं थीं। पांच सितंबर को सूचना दी गई कि पानी आने वाला है।
पलक झपकते ही पूरा घर पानी से भर गया था। जान बचाकर वे दूसरी मंजिल की छत पर बैठ गईं। तीन दिन तक वे छत पर ही बैठी रहीं। कुछ दूरी पर दूसरी बिल्डिंग से उनके जानकार केबिल की तार से बिस्कुट व अन्य चीजें दे रहे थे, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं मिल रहा था।