सुखना लेक के फ्लड गेट खोले गए।
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पहाड़ों और सुखना कैचमेंट एरिया में शनिवार देर रात हुई बारिश के कारण लेक का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया। इस कारण रात लगभग सवा एक बजे एक फ्लड गेट खोलना पड़ा। चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि सुखना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब 1162.45 फुट पर पहुंच गया था। इसके बाद ही एहतिहात के तौर पर फ्लड गेट खोलना पड़ा।
इसे लेकर प्रशासन और यातायात विभाग ने आसपास के क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं मोहाली व पटियाला को भी इस संबंध में सूचना दे दी गई है। पिछले सप्ताह सुखना का जलस्तर 1162.25 फुट था। शहर में लगातार हो रही बारिश के बाद जलस्तर 1162.45 पर पहुंच गया। जैसे ही इंजीनियरिंग विभाग को इसकी सूचना मिली अधिकारी मौके पर पहुंचे और यह सुनिश्चित किया गया कि सुखना चो के आसपास कोई है तो नहीं। इसके बाद फ्लड गेट खोल दिए गए।
वर्ष 2020 में 1163.40 फुट तक पहुंचा था पानी
वर्ष 2020 में भी जलस्तर 1163.40 फुट पर पहुंच गया था। इसके बाद ही गेट खोले गए थे। इसके बाद सुखना चो भी ओवरफ्लो हो गई थी। पानी इतना ज्यादा था कि बलटाना क्षेत्र में भी पानी घुस गया था। समस्या को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2021 में प्रशासन ने पानी खतरे के निशान तक पहुंचने से पहले ही फ्लड गेट खोल दिए थे। इसके बाद जब-जब पानी खतरे के निशान के करीब पहुंचा प्रशासन ने तत्काल गेट खोलकर पानी निकाल दिया। इसके साथ यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि पानी थोड़ा-थोड़ा करके छोड़ा जाए, ताकि आवासीय क्षेत्र में पानी न घुसे।
वर्ष 2017 में हो गई थी लेक की हालत खराब
सिटी ब्यूटीफुल की लाइफ लाइन कही जाने वाली सुखना की वर्ष 2017 में हालत दयनीय हो गई थी। पानी इतना सूख गया था कि बोटिंग बंद करनी पड़ी थी। लेक के बीचोबीच बड़ा हिस्सा सूखा दिखने लगा था। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इसका संज्ञान लिया और प्रशासन को इसकी बेहतर व्यवस्था का निर्देश जारी किया था। इसके बाद से शहर में लगातार बारिश से सुखना लबालब है।
यातायात करना पड़ा डायवर्ट, विभाग ने जारी किया अलर्ट
फ्लड गेट खुलते ही पानी का बहाव इतना तेज था कि पानी सड़कों तक आ गया। इस कारण यातायात विभाग को वाहनों को दूसरे रास्ते से मोड़ना पड़ा। लोगों को सलाह दी गई कि वह किशनगढ़ और मनीमाजरा की तरफ से जाने वाली रोड से निकलें।