चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत अलॉटी से फ्लैट खरीदना एक लाख रुपये और महंगा हो गया है, जबकि ट्रांसफर फीस कुल फ्लैट की कीमत का 15 प्रतिशत अलग से चार्ज की जाएगी। उसके बाद जीपीए होल्डर (खरीददार) के नाम पर फ्लैट ट्रांसफर किया जाएगा। सीएचबी ने एक मार्च को सेक्टर-63 की हाउसिंग स्कीम के फ्लैट्स से 5 साल की लॉकिंग पीरियड की शर्त हटाई है। इसलिए इस शर्त को हटाने के बदले में हर खरीददार से एक लाख रुपये की राशि वन टाइम चार्ज करने का निर्णय लिया गया है। ट्रांसफर राशि के साथ साथ एक लाख रुपये अतिरिक्त चार्ज करने के निर्देश चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस ने मंगलवार को जारी किए हैं।
30 प्रतिशत से ज्यादा फ्लैट बेच दिए गए
पिछले साल ही अक्तूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस प्रोजेक्ट के लोकार्पण के बाद फ्लैट्स का कब्जा अलॉटियों को दिया गया है। जबकि अलॉटी पहले से आगे अपने फ्लैट्स बेच चुके हैं जबकि शहर में इस समय कई लोग यहां पर फ्लैट्स खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं। सोमवार को ही सीएचबी ने जीपीए होल्डर्स को सीधे राहत दी है कि वह सीधे तौर पर भी बोर्ड से फ्लैट का कब्जा ले सकते हैं। ऐसा निर्णय इसलिए लिया गया, क्योंकि बोर्ड के पास कई शिकायतें आ रही थीं कि कई अलाटी खरीददार से फ्लैट की पूरी राशि लेने के बावजूद परेशान कर रहे हैं क्योंकि कब्जा लेने का अधिकार सिर्फ अलॉटी के पास ही था। इस समय 30 प्रतिशत से ज्यादा फ्लैट सेक्टर-63 में अलाटियों द्वारा आगे बेच दिए गए हैं।
ट्रांसफर फीस पहले से है ज्यादा
पहले से बोर्ड की ओर से ट्रांसफर फीस 15 प्रतिशत रखी हुई है, जो ज्यादा है। इस कारण फ्लैट की कीमत काफी बढ़ रही है। बोर्ड की ओर से यह फीस फ्लैट की उसी कीमत पर चार्ज की जा रही है जिस पर बोर्ड ने अलॉटियों को फ्लैट दिए हैं। यहां पर वन से लेकर थ्री बेडरूम तक के कुल 2108 फ्लैट्स है। बोर्ड ने ईडब्ल्यूएस फ्लैट छह लाख, वन बेडरूम की कीमत 17 और टू बेडरूम की कीमत 30 और थ्री बेडरूम की कीमत 40 लाख रुपये में बेचे हैं। ऐसे में टू बेडरूम फ्लैट के लिए ट्रांसफर फीस साढ़े चार लाख और थ्री बेडरूम फ्लैट के लिए 6 लाख रुपए चुकानी पड़ रही है। लेकिन अब नए आदेश से एक एक लाख फीस और ज्यादा जमा करवानी होगी। बोर्ड के ये सभी फ्लैट्स लीज पर हैं। खरीदारों को ट्रांसफर फीस के बाद यदि अपने फ्लैट को फ्री होल्ड करवाना है तो उसके लिए भी लाखों रुपये खर्च करने पड़ेंगे। यही नहीं फ्लैट की कन्वेंस डीड के लिए अलग से राशि खर्च करनी पड़ेगी। इस समय ओपन मार्केट में सीएचबी का टू बेडरूम का फ्लैट 60 लाख और थ्री बेडरूम का फ्लैट 90 लाख रुपये में बिक रहा है।
हाउसिंग सोसाइटी में फ्लैट ट्रांसफर करना सस्ता
हाउसिंग बोर्ड की ओर से फ्लैट ट्रांसफर करने की फीस काफी बढ़ा दी गई है लेकिन दक्षिणी सेक्टरों में जो हाउसिंग सोसाइटियां हैं, उनके फ्लैट ट्रांसफर करवाना काफी सस्ता है। हाउसिंग सोसायटीज का ए कैटेगिरी का थ्री और फोर बेडरूम का फ्लैट 1 लाख रुपये में ट्रांसफर किया जा रहा है। बी कैटेगिरी के सोसायटी फ्लैट के लिए ट्रांसफर फीस सिर्फ 50 हजार और सी कैटेगिरी के फ्लैट के लिए 30 हजार रुपये है। ए कैटेगिरी का सोसायटी फ्लैट एक करोड़ रुपये से अधिक का है। हाउसिंग सोसायटीज के सेक्टर-48 से लेकर सेक्टर-50 तक 10 हजार फ्लैट्स हैं।
ट्रांसफर फीस पहले ही 15 प्रतिशत काफी ज्यादा है और अब लाकिंग पीरियड हटाने के बाद एक लाख रुपये की फीस अलग से चार्ज करने से फ्लैट खरीदना काफी महंगा हो जाएगा। फीस कम करने के लिए वह जल्द ही बोर्ड के चेयरमैन से मिलेंगे।
- राजकुमार पाल, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन