लॉकिंग पीरियड हटाने के बदले फ्लैट ट्रांसफर करवाने के लिए लगने वाले एक लाख रुपये बोर्ड ने माफ करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इस पर 10 जून को अंतिम फैसला लिया जाएगा। यह प्रस्ताव बोर्ड के सदस्य प्रेम कौशिक के सुझाव पर तैयार किया है। चेयरमैन ने इसके लिए औपचारिक मंजूरी दे दी है।
बेशक एक लाख रुपये की राशि लेने की शर्त हटा ली जाए, लेकिन ट्रांसफर फीस कुल फ्लैट की कीमत का 15 प्रतिशत चार्ज जारी रहेगा। यह राशि खरीददार से बोर्ड लेता है, जब उसने अलॉटी से फ्लैट ट्रांसफर कराना होता है। सीएचबी ने एक मार्च को सेक्टर-63 की हाउसिंग स्कीम के फ्लैट्स से 5 साल की लॉकिंग पीरियड की शर्त को हटाया है। इस शर्त को हटाने के बदले में हर खरीददार से एक लाख रुपये की राशि वन टाइम चार्ज करने का निर्णय लिया गया था।
पिछले साल ही अक्तूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रोजेक्ट के लोकापर्ण के बाद फ्लैट्स का कब्जा अलॉटियों को दिया है। जबकि अलॉटी पहले से आगे अपने फ्लैट्स बेच चुके हैं। वहीं शहर में इस समय कई लोग यहां पर फ्लैट्स खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं। ऐेसे में उनके लिए फ्लैट ट्रांसफर कराना एक लाख रुपये सस्ता हो जाएगा। इस समय 30 प्रतिशत से ज्यादा फ्लैट सेक्टर-63 में अलॉटियों द्वारा आगे बेच दिए जा चुके हैं।
यहां पर वन से लेकर थ्री बेडरूम तक के फ्लैट के कुल 2108 फ्लैट्स है। बोर्ड ने वन बेडरूम फ्लैट छह लाख, टू बेडरूम की कीमत 17 और थ्री बेडरूम की कीमत 30 और थ्री बेडरूम 40 लाख रुपये में बेचे हैं। ऐसे में टू बेडरूम फ्लैट के लिए ट्रांसफर फीस साढ़े चार लाख और थ्री बेडरूम फ्लैट के लिए 6 लाख रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। बोर्ड के ये सभी फ्लैट्स लीज पर हैं।