शहीदों के सम्मान में एलपीजी का इस्तेमाल हो रहा था
आर्य ने बताया कि पिछले साल मोर्चे के कार्यकर्ता अक्षय नरवाल के नेतृत्व में कुछ व्यक्ति यहां आए थे और उन्होंने पाया की शहीदों के सम्मान में पेट्रोलियम पदार्थ यानी एलपीजी से ज्योत जलाई जा रही है। उसी दिन से इन लोगों ने यहां एक संकल्प लिया था कि शहीदों के सम्मान में देसी घी से ज्योत जलाएंगे और वो घी किसी व्यक्ति या गांव विशेष का नहीं बल्कि सबका होगा।
हमारी संस्कृति में ज्योत का मतलब घी से होता है। जिनका सम्मान हम हृदय से करते हैं, उनके सामने घी से ज्योत जलाते हैं। भगत सिंह के साथ सभी शहीदों के सम्मान में उनके स्मारक स्थल हुसैनीवाला में भी घी से ज्योत जले इस भावना के साथ सभी आए हैं। अब समाज ने अपनी आहुति इसमें डाली है। इसका मतलब समाज की भी भावना घी से ज्योत जलाने की है।
ये लोग जुड़े हैं मोर्चे से
जनता सरकार मोर्चा के सदस्य सुनील शर्मा, रविंद्र भारतीय, गौरव आर्य, कविता गोयत, सतबीर पहलवान, अक्षय नरवाल, मनु जी अंबाला, शीशपाल आर्य हरसौला (कैथल), नरेंद्र विद्यार्थी, डॉ. देवेंद्र बल्हारा, इकबाल सिंह, सुखचरण प्रधान, अनिल मलिक, विनोद धनौरी, राजन नरवाना, जीत बाडी धनाना, वीरा, क्रिश, अमरिंदर, अपर्णा पुरी, राजेश झोरड़ा, कश्मीर संडील व अमित हैं।