अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे पांचों युवक।
पैसा कमाने के चक्कर में साथियों समेत 10 फरवरी को दुबई के अलकोई गए फतेहगढ़ साहिब का 21 वर्षीय लवप्रीत सिंह 25 दिन बाद ठगी का शिकार होने के बाद भारत लौट आया। लवप्रीत सिंह ने अमृतसर एयरपोर्ट से फोन पर बताया कि वह अपने साथियों के साथ मोहाली के एक एजेंट के फर्जीवाड़े का शिकार हुआ है।
उसने पांच नौजवानों को दुबई के अलकोई शहर में मदर अल फोलक सिक्योरिटी सर्विसेज में गार्ड की नौकरी के लिए 11 फरवरी को भेजा था। वहां पहुंचने पर पता चला कि कंपनी बंद हो गई है। पहले चार दिन तो बहुत कठिन गुजरे और ट्रकों के नीचे सो कर रातें बिताईं। फिर उनका संपर्क सरबत दा भला चैरिटेबिल ट्रस्ट के प्रमुख डॉ. एसपी सिंह ओबराय की टीम से हुआ। वह अपने पांचों साथियों समेत उनके पास गए। गुरुवार को भारत लौट आए।
लवप्रीत सिंह ने बताया कि उसने बलौंगी मोहाली के गेट माइग्रेशन के एजेंट रोहित कुमार को 3-3 लाख रुपये देकर दुबई का वर्क परमिट लगवाया था लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि सिक्योरिटी कंपनी बंद हो गई है। वहां उनको दुबई के 2300 दराम, भारतीय रुपयों में 46 हजार रुपये, महीना वेतन देने का वादा हुआ था। उसने ब्याज पर तीन लाख रुपये लेकर एजेंट को दिए थे।
इन नौजवानों ने की वतन वापसी
लवप्रीत सिंह निवासी नंदपुर कलौड़ जिला फतेहगढ़ साहिब, नीरज कुमार जिला ऊना हिमाचल प्रदेश, दर्शनप्रीत सिंह मड़ौली कलां जिला रोपड़, अजय कुमार निवासी बल्लां रोपड़ और उमेश कुमार निवासी गांव घडुंआ मोहाली।