मोहाली में किसानों का प्रदर्शन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोष प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन राजेवाल, आजाद किसान संघर्ष कमेटी, किसान संघर्ष कमेटी पंजाब, भारती किसान यूनियन मानसा और ऑल इंडिया किसान फेडरेशन शामिल हुईं। भारतीय किसान यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री की अगुवई में होने वाली यह मीटिंग जानबूझ कर साहिबजादों के शहीदी दिहाड़े वाले दिनों में रखी गई है जिसका वे विरोध करते हैं। इस समय पंजाब में सभी साहिबजादों का शहीदी समागम मनाया जा रहा है जिस कारण इस मीटिंग को रखना सोची समझी साजिश है, इसको अगली तारीख में भी रखा जा सकता था। राजेवाल ने कहा कि पंजाब की धरती के नीचे पानी बहुत जल्द खत्म हो रहा है।
2030 में पंजाब में नहीं होगा पानी, कैसे दें: राजेवाल
संसद में पेश हो चुकी एक रिपोर्ट के अनुसार पंजाब की धरती के नीचे पानी 2030 तक बिल्कुल खत्म हो जाएगा। पंजाब के पास किसी को देने के लिए पानी नहीं है। राजेवाल ने कहा कि चंडीगढ़ भी हमारा है। उन्होंने कहा कि सरकारें इस तरफ कुछ ध्यान नहीं दे रही। पंजाब के पानी को बचाने के लिए किसान जत्थेबंदियों ने 18 जनवरी को चंडीगढ़ चलो का एलान किया है और 18 जनवरी से यहां पक्का मोर्चा लगाकर पानी को बचाने की जंग लड़ी जाएगी।
छह घंटे लगा हाईवे पर जाम, डायर्वट करना पड़ा रूट
किसान संगठनों ने सुबह ही हाइवे पर जाम लगा दिया था, जिस कारण करीब छह घंटे तक सड़कों पर जाम लगा रहा। मनाली से चंडीगढ़ आने वाले लोगों को काफी परेशान होना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने कुराली से रूट डायवर्ट कर दिया था। मनाली से चंडीगढ़ की ओर आने वाले वाहनों को वाया कुराली न्यू मुल्लांपुर से चंडीगढ़ में प्रवेश करना पड़ा और दिल्ली जाने वाले वाहनों को खरड़ से डायवर्ट कर एयरपोर्ट रोड से डेराबस्सी-अंबाला भेजा जा रहा था।