चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में एसी जोशी लाइब्रेरी को विद्यार्थियों के लिए बंद कर दिया है। सिर्फ एक बाहरी रीडिंग हॉल को ही 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोला गया है जबकि शोधार्थियों की लाइब्रेरी खुली है, उन्हें अपना आईडी कार्ड दिखाने के बाद प्रवेश मिल सकता है। लाइब्रेरी के बंद होने से विद्यार्थी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दिनों में किताबों के अलावा नोट्स बनाने के लिए लाइब्रेरी की जरूरत होती है। इसे में ताला जड़ने से परेशानी दोगुना बढ़ गई है।
विद्यार्थियों ने बताया कि पहले यूनिवर्सिटी ने कक्षाएं नहीं खोली थी, अब परीक्षा के दिनों में लाइब्रेरी बंद कर दी है। लाइब्रेरी में आने वाले सभी विद्यार्थियों ने कोरोना की दोनों वैक्सीन लगवा ली हैं। कोरोना दिशानिर्देशों का पालन करते हुए सामाजिक दूरी के साथ भी बैठते हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन किसी न किसी तरह से विद्यार्थियों को परेशान कर रहा है। एक ही बाहरी रीडिंग हॉल 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुला होने के कारण बहुत से विद्यार्थी यहां भी नहीं आ पा रहे हैं। यहां पहले आओ पहले बैठो वाले हालात हो गए हैं। ऐसे में पढ़ाई का सारा शेड्यूल खराब हो रहा है। विद्यार्थियों ने लाइब्रेरी को पूरा तरीके से खुला रखने के कारण प्रदर्शन भी किया, लेकिन पीयू ने सिर्फ शोधार्थियों को ही 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ लाइब्रेरी में बैठने की अनुमति दी।
नयागांव में हजार रुपए प्रति माह देनी पड़ रही लाइब्रेरी फीस
पंजाब यूनिवर्सिटी में पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्र जसविंदर ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई का शेड्यूल रात का बनाया हुआ था। वे देर शाम से लेकर सुबह तक एसी जोशी लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए आते थे। परीक्षा के समय अपनी एमए की पढ़ाई के साथ वे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे हैं। इसलिए उन्हें पूरा समय देना पड़ता है। पीयू के मनमाने फैसले के बाद अब नयागांव में निजी लाइब्रेरी की हजार रुपए प्रतिमाह के रूप में सदस्यता ली है। क्योंकि एक रिडिंग हॉल खुला होने के कारण वो हर समय भरा रहता है, बहुत से विद्यार्थियों को लौटना पड़ता है।
किताबों तक सबकी एकसमान होनी चाहिए पहुंच
एमई के निखिल ने बताया कि लाइब्रेरी में सभी विद्यार्थियों को प्रवेश मिलना चाहिए। एसी जोशी लाइब्रेरी की सदस्यता के लिए विद्यार्थी अलग से फीस जमा करवाते हैं। ऐसे में परीक्षा के दिनों में विद्यार्थियों का लाइब्रेरी में प्रवेश वर्जित करना गलत है। जब शोधार्थियों और अन्य कोर्स के विद्यार्थियों दोनों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है तो फिर किताबों की पहुंच तक सिर्फ शोधार्थियों को अनुमति देकर पीयू प्रशासन अन्य विद्यार्थियों के साथ भेदभाव कर रहा है।
कोट्स :
कोरोना ग्राफ नीचे आते ही खोल देंगे लाइब्रेरी
अभी कोरोना महामारी के शहर में प्रतिदिन हजार से ऊपर केस आ रहे हैं। इसलिए पीयू प्रशासन ने लाइब्रेरी शोधार्थियों के अलावा अन्य विद्यार्थियों के लिए बंद की है। हालात सामान्य होते ही कुछ समय बाद लाइब्रेरी को सबके लिए खोल दिया जाएगा। -जिवेश बंसल, लाइब्रेरियन, एसी जोशी लाइब्रेरी, पीयू