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चंडीगढ़ निगम में फिर ड्रामा: रद्द करने के आदेश के बावजूद मेयर ने शुरू की बैठक, पढ़ा गया बजट

Wed, 06 Mar 2024 12:49 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

भाजपा ने मंगलवार को प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को लिखित में एक पत्र दिया था कि नगर निगम के एक्ट के अनुसार मेयर बनने के बाद सबसे पहले एफ एंड सीसी का गठन करना होता है। उसके बाद ही सदन की बैठक बुलाई जा सकती है, इसलिए मेयर कुलदीप कुमार की ओर से बुलाई गई बैठकों पर रोक लगानी चाहिए।
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सदन में पहुंचे आप के पार्षद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ नगर निगम में नाटक जारी है। नए मेयर कुलदीप कुमार ने आज नगर निगम का वार्षिक बजट पेश करने के लिए विशेष सदन की विशेष बैठक बुलाई थी। जिसे भाजपा की आपत्ति के बाद रद्द कर दिया गया था। 

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रद्द करने के आदेश के बावजूद मेयर कुलदीप कुमार ने बजट की बैठक शुरू कर दी है। सदन में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षद मौजूद हैं। उन्हें बजट की कॉपी भी दे दी गई है। वहीं बैठक में आयुक्त अनिंदिता मित्रा और सचिव शंभू राठी उपस्थित नहीं हैं। न ही भाजपा का कोई पार्षद और मनोनीत पार्षद आए हैं।

मेयर की बुलाई बैठक पर भाजपा ने आपत्ति जताई थी और कहा था कि  फाइनेंस एंड कांट्रैक्ट कमेटी के गठन के बिना कोई भी बैठक नहीं बुलाई जा सकती। इस पर नगर निगम ने कानूनी राय ली और बैठक शुरू होने से कुछ मिनट पहले मीटिंग रद्द करने के आदेश जारी कर दिए। 
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मेयर कुलदीप कुमार ने एक मार्च को ही आदेश जारी कर दिया था कि 6 मार्च को सदन की विशेष बैठक बुलाकर नगर निगम का वार्षिक बजट पास किया जाएगा। 

इसके बाद सदन की एक और बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आम आदमी पार्टी की ओर से नगर निगम चुनाव में किए गए 20,000 लीटर मुफ्त पानी और मुफ्त पार्किंग देने का वादा पूरा किया जाएगा। आम आदमी पार्टी ने इसकी पूरी तैयारी कर ली थी। दोनों एजेंडे तैयार कर लिए थे और सदन में लाने की तैयारी थी। 11 मार्च को भी एक बैठक रखी गई है, जिसका उद्देश्य एफ एंड सीसी का गठन करना है। लेकिन भाजपा के पत्र से निगम के अधिकारी पसोपेश में पड़ गए। आनन फानन में निगम ने कानूनी सलाह लेने का फैसला लिया और यूटी के स्टैंडिंग काउंसिल को मामला भेज दिया। देर रात तक मंथन चलता रहा कि क्या बुधवार को सदन की बैठक बुलाई जा सकती है या नहीं। बुधवार को बैठक रद्द होने का पत्र जारी कर दिया गया।

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