चंडीगढ़ की आंचल बाजवा इन दिनों प्रो- कबड्डी लीग में एंकरिंग करने वाली पहली लड़की बन गई हैं। इनकी वजह से लीग में ग्लैमर कर तड़का लगा है। क्योंकि उनकी एंकरिंग का स्टाइल भी सबसे अलग है। मैचों के दौरान वह न केवल स्कोरिंग समय समय पर बताती हैं, बल्कि टाइम आउट के दौरान खिलाड़ियों के बारे में विस्तार से ऑडियंस को बताने की कला में भी माहिर हैं।
नेशनल चाइल्ड और स्टूडेंट ऑफ द ईयर के पुरस्कार के साथ-साथ पंजाब सरकार से पुरस्कार जीतने वाली आंचल का सफर प्रो कबड्डी लीग तक पहुंचने का सफर काफी कठिन रहा। आंचल ने हार नहीं मानी और आज इस मुकाम तक पहुंच कर दिखा दिया। उनकी कामयाबी के पीछे आंचल की मां डॉ. निक्की बाजवा का काफी बड़ा हाथ है। जिन्होंने अपने पति को खोने के बाद अपनी बेटी का आगे बढ़ने के लिए हमेशा से प्रेरित किया।
इसी हफ्ते पंचकूला में प्री कबड्डी लीग का आयोजन किया गया। अभिषेक बच्चन की जयपुर पिंक पैंथर्स ने पंचकूला को होम ग्राउंड बनाया था। यहां पर लीग के कई मुकाबले हुए। इनमें आंचल बाजवा ने एकरिंग का जिम्मा बखूबी संभाला। अपने अंदाज में बेहतरीन परफॉर्मेंस देते हुए वह वहां उपस्थित दर्शकों की चहेती भी बनीं। एक्सपर्टस का मानना है कि उनकी एंकरिंग करने का स्टाइल औरों से जुदा है। इसकी वजह से ही आंचल आज इतने बड़े प्लेटफॉर्म तक पहुंची हैं।