फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साफ होगी हवा: चंडीगढ़ में लगा एयर प्यूरिफायर, देश का पहला प्रोजेक्ट जिसमें नहीं बदलना पड़ेगा फिल्टर

Sat, 21 Aug 2021 02:23 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एयर प्यूरिफायर लगाने के लिए सेक्टर 17, ट्रिब्यून चौक, इंडस्ट्रियल एरिया सहित कुछ जगहों को चिह्नित किया गया था। जगह तय करने के लिए यातायात का दबाव वाले चौराहों को चुनना था। दूसरे सबसे ज्यादा व्यस्त ट्रांसपोर्ट चौराहे को चुना गया। ताकि यहां से गुजरने वाले राहगीरों को साफ हवा मिल सके।
 
विज्ञापन
चंडीगढ़ में लगा एयर प्यूरीफायर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ के ट्रांसपोर्ट चौक पर एयर प्यूरिफायर बनकर तैयार हो गया है। 31 अगस्त तक यह काम करना शुरू कर देगा। नई तकनीक वाला यह एयर प्यूरिफायर देश का पहला प्रोजेक्ट होगा, जिसमें फिल्टर बदलने की जरूरत नहीं होगी। इस तकनीक में हाईस्पीड पंखा अपने आप गंदगी को साफ कर देगा। इस तकनीक का कंपनी के पास कॉपीराइट भी है।

विज्ञापन


चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष देवेंद्र दलाई ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत शहर का पहला प्यूरिफायर लगाने का प्रस्ताव एक कंपनी की ओर से दिया गया था। इसमें विभाग को भूमि उपलब्ध करानी थी, शेष पूरा कार्य कंपनी को करना था। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर व उनके तत्कालीन सलाहकार मनोज परिदा से सहमति मिलने के बाद ट्रांसपोर्ट चौक पर एयर प्यूरिफायर लगाने की अनुमति दी गई। पर्यावरण सुरक्षा को लेकर बनाई गई इस योजना में किसी विभाग को भी कोई आपत्ति नहीं थी।

सेक्शन प्रेशर से यंत्र खींचेगा प्रदूषित हवा

नई तकनीक में सेक्शन प्रेशर से यंत्र प्रदूषित हवा को अंदर खींचेगा। इसमें लगे हाईस्पीड पंखे हवा में बारीक धूल के कणों को इधर उधर फेंकेंगे और साफ हवा बाहर निकल देंगे। इस सतत प्रक्रिया में फिल्टर बदलने की जरूरत नहीं होगी। पहले के एयर प्यूरिफायर में तय समय पर फिल्टर बदलना होता था, नहीं तो वह काम करना बंद कर देता था।

यातायात के दबाव को ध्यान में रखकर चुनी जगह
एयर प्यूरिफायर लगाने के लिए जगह का चुनाव करना था। इसके लिए सेक्टर 17, ट्रिब्यून चौक, इंडस्ट्रियल एरिया सहित कुछ जगहों को चिह्नित किया गया था। जगह तय करने के लिए यातायात का दबाव वाले चौराहों को चुनना था। सबसे ज्यादा यातायात का दबाव ट्रिब्यून चौक पर था, लेकिन यहां फ्लाईओवर योजना पर विचार चल रहा है। इसलिए दूसरे सबसे ज्यादा व्यस्त ट्रांसपोर्ट चौराहे को चुना गया। ताकि यहां से गुजरने वाले राहगीरों को साफ हवा मिल सके।
 
विज्ञापन

क्या कहते हैं अधिकारी

यह हमारा पायलट प्रोजेक्ट है। लगभग दो सीजन इस प्रोजेक्ट को देखेंगे। यह सफल होता है तो शहर के अन्य हिस्सों में एयर प्यूरिफायर लगाने पर विचार करेंगे। -देवेंद्र दलाई, अध्यक्ष, चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

टावर की खासियत
  • 24 मीटर है टावर की ऊंचाई
  • 3.88 करोड़ क्यूबिक फीट हवा प्रतिदिन शुद्ध होगी
  • 5 से 6 डिग्री तापमान आसपास के क्षेत्र का होगा कम
  • 5 करोड़ रुपये है टावर की लागत
  • 25 से 30 साल है टावर की उम्र 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें