नई तकनीक में सेक्शन प्रेशर से यंत्र प्रदूषित हवा को अंदर खींचेगा। इसमें लगे हाईस्पीड पंखे हवा में बारीक धूल के कणों को इधर उधर फेंकेंगे और साफ हवा बाहर निकल देंगे। इस सतत प्रक्रिया में फिल्टर बदलने की जरूरत नहीं होगी। पहले के एयर प्यूरिफायर में तय समय पर फिल्टर बदलना होता था, नहीं तो वह काम करना बंद कर देता था।
यातायात के दबाव को ध्यान में रखकर चुनी जगह
एयर प्यूरिफायर लगाने के लिए जगह का चुनाव करना था। इसके लिए सेक्टर 17, ट्रिब्यून चौक, इंडस्ट्रियल एरिया सहित कुछ जगहों को चिह्नित किया गया था। जगह तय करने के लिए यातायात का दबाव वाले चौराहों को चुनना था। सबसे ज्यादा यातायात का दबाव ट्रिब्यून चौक पर था, लेकिन यहां फ्लाईओवर योजना पर विचार चल रहा है। इसलिए दूसरे सबसे ज्यादा व्यस्त ट्रांसपोर्ट चौराहे को चुना गया। ताकि यहां से गुजरने वाले राहगीरों को साफ हवा मिल सके।
यह हमारा पायलट प्रोजेक्ट है। लगभग दो सीजन इस प्रोजेक्ट को देखेंगे। यह सफल होता है तो शहर के अन्य हिस्सों में एयर प्यूरिफायर लगाने पर विचार करेंगे। -देवेंद्र दलाई, अध्यक्ष, चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
टावर की खासियत
- 24 मीटर है टावर की ऊंचाई
- 3.88 करोड़ क्यूबिक फीट हवा प्रतिदिन शुद्ध होगी
- 5 से 6 डिग्री तापमान आसपास के क्षेत्र का होगा कम
- 5 करोड़ रुपये है टावर की लागत
- 25 से 30 साल है टावर की उम्र