दीवाली की रात को 10 बजे के बाद पटाखे फोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती बरती और 29 मामले दर्ज कर लिए। लेकिन गिरफ्तारी एक भी मामले में नहीं हुई। सभी मामलों में अज्ञात के खिलाफ ही केस दर्ज हुआ। जानकारी के मुताबिक प्रशासन की तरफ से शहर में साफ निर्देष थे कि रात को दस बजे से लेकर सुबह छह बजे तक आतिशबाजी नहीं करेगा।
अगर कोई ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाइ होगी। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने दिवाली की रात 29 केस दर्ज कर डाले। हैरानी की बात है कि सभी मामलों में पुलिस वालों को शिकायतकर्त्ता तो मिले लेकिन किसी जगह एक भी आरोपी नहीं मिला। पुलिस ने एक भी मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई। सभी मामलों में पुलिस ने अज्ञात लोगों को ही आरोपी बनाया है।
यूटी पुलिस दिवाली के दिन ने घर, मार्केट और सड़कों पर पटाखें बजाने की जगह बताकर लोगों पर धारा 188 और ध्वनि प्रदूषण एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस के सामने अब चुनौती है कि मामला तो 29 पर दर्ज कर लिया है। लेकिन इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कैसे करेगी। इस तरह की पुलिस की कार्रवाई का मकसद महज खानापूर्ति से ज्यादा कुछ नहीं दिखती।
29 केस में से सेक्टर 3 थाना पुलिस ने तीन लोगों, सेक्टर 11 थाना पुलिस ने दो पर, सेक्टर 17 थाना पुलिस ने तीन लोगों, सेक्टर 19 थाने में चार पर, सेक्टर 26 थाना में चार केस, सेक्टर 36 थाना पुसिल ने तीन , सेक्टर 39 थाना पुलिस ने दो और मलोया थाना पुलिस ने दो मामले दर्ज किए है। वहीं इंडस्ट्रियल एरिया, मनीमाजरा, आईटी पार्क, सेक्टर 31, सेक्टर 49, सेक्टर 34 थाना में एक एक केस दर्ज हुआ।