रोहतक-रेवाड़ी पैसेंजर ट्रेन में बृहस्पतिवार की शाम झज्जर रेलवे स्टेशन के पास आग लग गई। ट्रेन अभी झज्जर रेलवे स्टेशन से चली ही थी कि गार्ड ने पिछली बोगी में धुआं उठते देखा।
आनन फानन में ट्रेन को रुकवाया और गाड़ी में मौजूद अग्निशमन यंत्र से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इस दौरान नशे में धुत दो साधुओं को भी गाड़ी से उतार लिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। करीब आधे घंटे बाद आग पर काबू पाया गया।
गाड़ी से बोगी को अलग करके ट्रेन को एक घंटे की देरी से रेवाड़ी के लिए रवाना कर दिया गया। रोहतक-रेवाड़ी पैसेंजर ट्रेन नंबर 54020 रोहतक से शाम के 7:50 बजे रेवाड़ी के लिए चली थी।
बोगी में धुआं उठता देख ट्रेन को रोक दिया गया
8:35 पर झज्जर पहुंचने के बाद यह ट्रेन जैसे ही आगे के लिए रवाना हुई तो अचानक गार्ड राजकुमार सहगल ने पीछे की बोगी में धुआं उठता देखा। गार्ड ने इसकी सूचना तुरंत ड्राइवर को दी, जिसके बाद गाड़ी को रोक दिया गया।
स्टेशन स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। इसके बाद गार्ड ने अपने पास मौजूद अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। इस दौरान गाड़ी में दो साधु दिखाई दिए, जिसे स्टेशन स्टाफ की मदद से नीचे उतारा गया। आग भड़कती देख गाड़ी से इस बोगी को अलग कर दिया गया।
सूचना मिलने पर डीएसपी धीरज कुमार और सिटी थाना प्रभारी अत्तर सिंह मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ी भी पहुंच गई। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद ट्रेन को करीब एक घंटे की देरी से आगे के लिए रवाना कर दिया गया। स्टेशन मास्टर बीएल मीणा ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच की जा रही है।
सिटी थाना प्रभारी अत्तर सिंह ने बताया कि दोनों साधु नशे की हालत में है। उनका तीसरा साथी भी था, जो आग देखकर बोगी से स्टेशन पर उतर गया था। साधुओं के पास से बीड़ी के बंडल मिले हैं। उन्होंने बीड़ी पी होगी, जिसकी चिंगारी से यह आग लगी है। साधुओं से पूछताछ के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।