बहादुरगढ़ के एचएसआईआईडीसी सेक्टर-17 में रविवार सुबह दो फुटवियर फैक्ट्रियों में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि इसे बुझाने के लिए तीन जिलों से फायर बिग्रेड की 12 से अधिक गाड़ियां बुलानी पड़ी। फैक्टरी में अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आग से फैक्ट्रियों के भवन और उसमें रखा कच्चा और तैयार माल जल गया। करोड़ों का नुकसान आंका जा रहा है। रात करीब 8 बजे के बाद आग पर काबू पाया गया।
सेक्टर-17 स्थित प्लॉट नंबर-321 में स्थित टुडे फुटवियर फैक्टरी में रविवार सुबह आठ बजे अचानक आग लग गई। आग लगते ही फैक्टरी से आग की लपटें और धुएं की के गुब्बार उठने शुरू हो गए, जो कुछ ही देर में आग प्लॉट नंबर-322 में स्थित कोलंबस फुटवियर फैक्टरी तक पहुंच गई।फायर ब्रिगेड की मदद पहुंचने तक यहां कार्यरत कर्मचारियों ने अपने स्तर पर आग पर काबू पर पाने के प्रयास शुरू किए, लेकिन आग ज्यादा होने के कारण सभी प्रयास विफल रहे।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए लेकिनआग पर काबू पाने के लिए बहादुरगढ़ के अलावा रोहतक, झज्जर, सोनीपत और सांपला से फायर ब्रिगेड की करीब 12 गाड़ियां बुलाई गई । जिन्होंने रात करीब आठ बजे के बाद आग पर काबू पाया। फैक्टरी संचालकों ने फिलहाल किसी भी तरह की जानकारी देने में समर्थता जताई है।
फैक्टरी में ज्यादा कर्मी नहीं थे
दोनों फैक्टरी में करीब 150 से 200 कर्मचारी काम करते हैं। फैक्टरी में आग सुबह करीब आठ बजे लगी। उस समय फैक्टरी में कर्मचारी आने ही शुरू हुए थे। इस वजह से ज्यादा कर्मचारी नहीं थे। आग लगते ही खलबली मच गई। वहां मौजूद कर्मचारियों ने फैक्टरी के अंदर रखा सामान आग की चपेट में आने से बचाने की कोशिश की थी। कुछ सामान बाहर निकाला, लेकिन आग के कारण फैक्टरी के अंदर रखा करोड़ों रुपये का कच्चा और तैयार माल जलकर पूरी तरह से राख हो गया है। इतना ही नहीं दोनों फैक्टरियों के भवनों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
अधिकारी के अनुसार
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन आग बहुत भीषण रही और फैक्टरी के अंदर ज्वलनशील केमिकल और रबड़ होने के कारण आग ज्यादा भड़क रही थी,इसलिए रोहतक, झज्जर, सोनीपत और सांपला से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गई। एक दर्जन से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। आग पर पूरी तरह से काबू पाने के बाद ही जांच की जाएगी और जांच के बाद साफ हो सकेगा कि आखिर यह आग कैसे लगी। नुकसान की सही जानकारी फैक्टरी संचालक ही आंकलन के बाद बता सकेंगे।