प्लांट से उठता धुएं का गुबार
- फोटो : अमर उजाला
आग से झुलस कर मरे वर्कर की पहचान 22 वर्षीय सुखविंद्र सिंह उर्फ बंटी निवासी गांव बिजनपुर के रूप में हुई। सुखविंद्र का दो साल पहले ही विवाह हुआ था। उसका एक साल का लड़का भी है। लापता वर्कर की पहचान 20 वर्षीय रवि कुमार निवासी गांव बिजनपुर के रूप में हुई।
सुखविंद्र व रवि दोनों दोस्त थे और 25 दिन पहले ही कंपनी में नौकरी पर लगे थे व 15 दिन बाद आज नौकरी पर आए थे। खबर सुनकर परिवार व गांव में मातम छा गया। रवि के परिजनों व गांव बिजनपुर के निवासियों ने कंपनी के बाहर हंगामा भी किया।
वर्करों ने छलांग लगाकर बचाई जान
लोहे से बने तीन मंजिला इस प्लांट को करीब छह महीने पहले नया तैयार किया गया था, जिसकी सबसे ऊपरी मंजिल से आग शुरू हुई, बाद में उसने पूरे प्लांट को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर करीब 25 वर्कर काम कर रहे थे।
इसी प्लांट के अन्य मंजिलों पर काम करने वाले वर्करों ने ऊपर से नीचे छलांग लगाकर अपनी जान बचाई जिनको काफी चोटें आईं। बताया जा रहा है कि टोलिन केमिकल पेट्रोल व डीजल से भी ज्यादा ज्वलनशील होता है।
कंपनी के डायरेक्टर अवतार सिंह ने कहा कि आग से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है व एक वर्कर की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि कंपनी में छह प्लांटों में से बाकी सभी प्लांट आरसीसी (सीमेंट) के बने हुए जबकि यह प्लांट लोहे का तैयार किया हुआ था। उन्होंने कहा कि आग के कारणों व कहां लापरवाही हुई है, उसकी जांच की जा रही है।
क्या कहते हैं थाना प्रभारी
थाना प्रभारी सहायक इंस्पेक्टर सतिंद्र सिंह ने कहा कि अभी एक वर्कर की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि लापता वर्कर की खोज की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच की जा रही है जिसके बाद बनती कार्रवाई की जाएगी।
चाय पीने गए थे वर्कर
कंपनी में 11 बजे चाय पीने का समय होता है जिस कारण वहां काम करने वाले अन्य वर्कर चाय पीने गए थे, नहीं तो हादसा और बड़ा हो सकता था।
कंपनी में छह प्लांट हैं। इनमें से उक्त प्लांट सबसे आखिर में स्थित है, जबकि कंपनी में लाखों टन केमिकल जमीन के नीचे बने अंडरग्राउंड टैंकों में स्टोर किया हुआ था। अगर वहां तक आग पहुंच जाती तो भारी तबाही हो सकती थी।
पहले भी लग चुकी है कंपनी में आग
इस कंपनी में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कंपनी में कई बार आग की भयानक घटनाएं हो चुकी हैं। इसी प्लांट में आज से कुछ महीने पहले भी आग लग चुकी है जिसमें कंपनी का भारी नुकसान हुआ था लेकिन इन हादसों के बाद भी कंपनी कोई सबक नहीं ले रही है।
बारूद के ढेर पर बैठे हैं डेराबस्सी के निवासी
पीसीसीपीएल कंपनी डेराबस्सी के रिहायशी क्षेत्र में स्थित है। इसके बिल्कुल साथ सिल्वर सिटी, नजदीक आशियाना कालोनी, गुलमोहन सिटी, गुलमोहर एक्सटेंशन, बैला होम्स सहित मुबारिकपुर का रिहायशी क्षेत्र स्थित है। जिस हिसाब से कंपनी में लाखों टन ज्वलनशील केमिकल स्टोर किया हुआ है उस कारण कभी भी भारी तबाही हो सकती है।