फैक्ट्री में आग के दौरान कई बार तेज धमाके हुए। ऐसा लगा मानो सिलिंडर फट रहे हों। मगर वहां मौजूद अन्य फैक्ट्री के लोगों ने बताया कि लेंटर गिरने से धमाके की आवाजें आ रही थीं।
जेसीबी से दीवार तोड़ी, फिर हुए आग बुझाने के प्रयास
फैक्ट्री चारों ओर से पूरी तरह बंद थी। ऐसे में आग बुझाने के प्रयास भी नहीं हो सकते थे। इसी कारण मौके पर जेसीबी बुलाई गई और साथ लगी खाली प्लॉट में दमकल गाड़ी जाने का रास्ता बनाया गया। फैक्ट्री के साथ ही एक दीवार तोड़ी गई, जिसके बाद आग बुझाने के प्रयास शुरू हुए।
दमकल कर्मचारियों के पास ड्रेस थीं, न रबड़ के जूते
भीषण आग लगी थी मगर सुरक्षा उपकरणों के अभाव में दमकल कर्मी भी फैक्ट्री के अंदर जाने से हिचक रहे थे। कारण था सुरक्षा उपकरणों का अभाव। दमकल कर्मचारियों के पास न ड्रेस नजर आई और न ही जूते। इंडस्ट्रीज एरिया में वाटर स्टोरेज टैंक की कमी भी झलकी। पानी की नजदीक कोई व्यवस्था न होने पर दमकल गाड़ियों को कार्यालय से ही पानी लाना पड़ा। इस कारण दमकल गाड़ियों को शहर के भीड़ वाले चौक रोहतक गेट, महम गेट से होकर गुजरना पड़ा।