चंडीगढ़। इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चंडीगढ़ के बीच की दूरी को कम करने के संदर्भ में यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने मंगलवार को एक बैठक की। उन्होंने डीसी विनय प्रताप सिंह और चीफ इंजीनियर सीबी ओझा को आदेश दिए कि वह वैकल्पिक रूट की पहचान करें और 10 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपें, ताकि पंजाब-हरियाणा से भी इस पर चर्चा की जाए।
चंडीगढ़ एयरपोर्ट के लिए पहले दूरी कम होती थी। लेकिन अब इंटरनेशनल एयरपोर्ट की एंट्री दूसरी तरफ हो गई है, जिसके चलते एयरपोर्ट पहुंचने के लिए 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रोजेक्ट पर चंडीगढ़ की तरफ से भी खर्च किया गया है। इसके चलते गृह मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने सिफारिश की थी कि गृह मंत्रालय को प्रशासक के सलाहकार, पंजाब, हरियाणा के मुख्य सचिव और सचिव नागरिक उड्डयन के साथ बैठक करनी चाहिए, ताकि एयरपोर्ट के बीच इस दूरी को कम करने के लिए काम किया जा सके। संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री के अलावा मंत्रालय के साथ भी यह मामला उठाया जा सकता है। प्रशासन ने अपने स्तर पर पहले काम शुरू किया है और अब सलाहकार धर्मपाल ने डीसी विनय प्रताप सिंह और चीफ इंजीनियर सीबी ओझा को वैकल्पिक रूट की पहचान करने के आदेश दिए हैं।
अब तक हुआ ये काम
चंडीगढ़ मास्टर प्लान में भी इसके लिए तीन विकल्प सुझाए गए थे और विभिन्न बैठकों में इस पर चर्चा भी की गई। यूटी प्रशासन की तरफ से डीएमआरसी को सलाहकार कंपनी भी नियुक्त किया गया था। इसके बाद भी कई विकल्पों पर विचार विमर्श किया गया। इन सब के बाद मास्टर प्लान के तहत एक सुझाव दिया गया था कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट की चंडीगढ़ से पूर्व मार्ग सेक्टर-48 के पास से जगतपुरा एरिया के जरिए बेहतर कनेक्टिविटी की जा सकती है। कहा गया कि एयरपोर्ट के लिए चंडीगढ़ से ये सबसे छोटा रूट होगा। इस पर फैसला हुआ था कि साइट पर फिजिबिलिटी के अलावा चीफ इंजीनियर यूटी पंजाब सरकार से कोआर्डिनेशन के साथ आगे की कार्रवाई के लिए काम करेंगे।