यूटी पुलिस ने साल 2002 में सेक्टर- 34 थाने में रामलाल चौधरी, चंडीगढ़ के पूर्व गृह सचिव एनके जैन, बलदेव कुमार और नरवीर सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया था। 31 मार्च 2014 को सभी को अदालत ने बरी कर दिया था। 16 अक्तूबर 2014 को सेक्टर-49 की पंजाब एंड सिंध बैंक सोसाइटी के फ्लैट में मॉडल पुनीत संधू की गोली मारकर हत्या हुई। 20 अक्तूबर 2014 को हत्या के आरोप में सुप्रीत और अंजू को गिरफ्तार किया गया। 21 अक्तूबर 2014 को सुप्रीत और अंजू के बयानों के आधार पर रामलाल चौधरी की गिरफ्तारी हुई थी। 15 मार्च 2016 को अदालत ने चारों आरोपियों सुप्रीत, अंजू, रामलाल और मनप्रीत को बरी कर दिया था।
रामलाल पर चोरी, धोखाधड़ी व एनडीपीएस एक्ट समेत सात केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, रामलाल पर कुल सात केस दर्ज हैं। हालांकि कुछ में वह बरी हो चुका है। 31 अक्तूबर 2008 को मनीमाजरा थाने में लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए एक महिला की गाड़ी को टक्कर मारने के मामले में केस दर्ज किया गया था। इस मामले में रामलाल चौधरी को अदालत ने दोषी करार दिया था। वहीं, मोहाली के सोहाना थाने में साल 2008 में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। वर्ष 2021 में दिल्ली में भी रामलाल पर कार चोरी का केस दर्ज हुआ था। पंचकूला सेक्टर-9 में एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज हुआ था जबकि चंडीगढ़ के सेक्टर 39 थाने में भी रामलाल पर केस दर्ज हुआ था।
रामलाल चौधरी को पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। साथ ही उसकी गाड़ी भी कब्जे में ली गई है। यह बहुत बड़ा रैकेट है। इस रैकेट में कई लोग शमिल हो सकते हैं। मामले में जांच की जा रही है। -कुलदीप चहल, एसएसपी