एनआरआई पतियों के खिलाफ पीड़ित महिलाओं ने बिगुल फूंकना शुरू कर दिया है। उन्होंने हिमाचल और दिल्ली के संगठन के साथ बैठक की और आगे की रणनीति तय की। फैसला हुआ कि सभी महिलाएं पहले विदेश मंत्रालय पहुंचेंगी। वहां से न्याय नहीं मिला तो एक साथ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, मुंबई, उत्तराखंड आदि प्रदेशों की 40 हजार से अधिक महिलाओं ने अपने पतियों के खिलाफ कार्रवाई करवाने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसी कड़ी में उन्होंने वीरवार को हिमाचल की जागो री व दिल्ली की द अल्टरनेटिव स्पाट संस्था को अपने साथ लिया और उनके साथ पहली बैठक चंडीगढ़ के सेक्टर-36 स्थित पीपुल कन्वेंसिंग सेंटर में की। दिल्ली, हिमाचल, हरियाणा, पंजाब आदि प्रदेशों से पहुंची महिलाओं ने कहा कि इस मामले में न तो पूरी तरह पुलिस मदद कर पा रही है और न ही सरकार। लगातार समस्याएं बढ़ रही हैं। जागो री संगठन की सदस्य रजनी शर्मा व द अल्टरनेटिव स्पाट की संस्थापक खातिजा फारुखी ने कहा कि यहां महिलाओं को मंच मिला है।
संस्थाएं पूरी तरह उनके साथ हैं। पहले सभी मिलकर विदेश मंत्रालय जगाएंगी और उसके बाद कोर्ट की शरण लेंगी। इस दौरान पीड़ित महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली हिमाचल के पालमपुर की ऋतु शर्मा, एडवोकेट शहिती कचरु, न्यूजीलैंड से पहुंची रमन अमन आदि मौजूद थीं। द अल्टरनेटिव स्पाट की संस्थापक खातिजा फारुखी ने दिल्ली सरकार को 191 हेल्प लाइन शुरू करने के लिए बाध्य कर दिया था। उस दौरान दिल्ली में निर्भया कांड हुआ था। उसी को लेकर महिलाओं की मदद को यह हेल्पलाइन शुरू की गई थी।