नए साल में महिलाओं को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से सुरक्षा कवच मिला है। अब पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में रेप और छेडछाड़ के मामले में पीड़िता के बयान महिला पुलिस अधिकारी ही लेगी।
दोनों राज्यों और केंद्रीय शासित प्रदेश ने इस संबंध में अपनी अंडरटेकिंग हाईकोर्ट में दी है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान दोनों सरकारों और यूटी ने कहा कि ऐसे मामलों में महिला अधिकारियों को आईओ नियुक्त किया जा रहा है।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण पल्ली ने अंडरटेकिंग को रिकार्ड में लेकर मामले का निपटारा कर दिया है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में कहा गया कि फोरेंसिक साइंस प्रयोगशाला को भी निर्देश जारी किए हैं कि ऐसे मामलों की रिपोर्ट को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि जांच की दिशा में तेजी लाई जा सके।
इसके अलावा प्रत्येक पीसीआर में एक महिला पुलिस अधिकारी की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। अधिवक्ता एचसी अरोड़ा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर यह मामला उठाया था।
उन्होंने याचिका में हाईकोर्ट से आग्रह किया था कि दुराचार के मामलों की जांच महिला पुलिस अधिकारियों से करवाई जाए।