सरकार का प्रयास है कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक एफपीओ बनाएं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में कोल्हू से गुड़ व खांड बनाने जैसे छोटे-छोटे उद्योग भी लगाए जा सकते हैं। इससे किसान धान जैसी फसलों के बजाय गन्ना उत्पादन की ओर आएंगे। विभिन्न फसलों के लिए प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के प्रयासों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
परंपरागत खेती के बजाय आधुनिक खेती को देंगे बढ़ावा
उन्होंने कहा कि धान व गेहूं जैसी परंपरागत खेती के बजाय किसानों को आधुनिक खेती की ओर बढ़ाया जाएगा। किसानों को फसल विविधिकरण पद्धति के तहत दलहन, बागवानी, मछली पालन जैसी खेती के लिए प्रशिक्षित करेंगे। किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी फार्मिंग भी अच्छा विकल्प है। प्रदेश में पशुओं की ऐसी नस्लें तैयार की जाएंगी, जिससे दूध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को लाभ मिलेगा।
कृषि क्षेत्र की सभी श्रेणियों में रोजगार के अपार अवसर हैं। युवाओं को प्रशिक्षित कर इस सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं बनाई जाएंगी। प्रशिक्षण प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा। कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बजट पूर्व परामर्श के तहत किसानों के सुझाव आमंत्रित करना अच्छा प्रयास है। इस चर्चा में किसानों ने कई अच्छे सुझाव दिए हैं। उनके विभागों से संबंधित सभी जरूरी सुझावों को सूचीबद्ध कर जल्द ही भिजवा दिया जाएगा।