पहले ट्रांसफार्मर के खराब या चोरी होने पर उसकी कीमत का 20 प्रतिशत राशि देनी पड़ती थी
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला लिया है। अब खेतों में लगे बिजली ट्रांसफार्मर के चोरी होने या खराब होने पर उनसे शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह दिशानिर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इससे पहले, किसानों को ट्रांसफार्मर की कीमत की 20 प्रतिशत तक राशि जमा करानी पड़ती थी। इस फैसले से प्रदेशभर के छह हजार किसानों को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी की ओर से लिए गए निर्णय के अनुसार 15 जनवरी, 2024 को अधिसूचित एचईआरसी विद्युत आपूर्ति संहिता विनियमन, 2014 में संशोधन किया गया है। संशोधन के अनुसार, अब उपभोक्ताओं से ट्रांसफार्मर के चोरी या प्राकृतिक आपदाओं से खराब होने की स्थिति में बदलने या मरम्मत करवाने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा, जबकि पहले उपभोक्ताओं की ओर से ट्रांसफार्मर के वारंटी समय में खराब होने या चोरी होने पर उसकी कीमत का 20 प्रतिशत और वारंटी खत्म होने पर बदलने की स्थिति में ट्रांसफार्मर की कीमत का 10 प्रतिशत शुल्क जमा करवाया जाता था। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ता था।