भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ग्रुप से जुड़े किसान 24 नवंबर को अंबाला में मोहड़ा अनाज मंडी के पास जीटी रोड जाम करेंगे। रेलवे के पूरे देश में किसानों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की घोषणा करने के बाद भाकियू ने रेल ट्रैक जाम न करने का फैसला लिया है। किसान मोहड़ा अनाज मंडी में ही सर छोटूराम की जयंती मनाएंगे।
भाकियू चढ़ूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता में कहा कि नामजद केस को अनट्रेस दिखाना किसानों के साथ धोखा है। किसान आंदोलन के दौरान हरियाणा से संबंधित सभी केस (लगभग 294 केस) व आंदोलन के पहले के केस संपूर्ण रूप से वापस न लिए जाने पर किसान जीटी रोड जाम करने को मजबूर हुए हैं। 24 नवंबर को अंबाला में रेल ट्रैक जाम करने की चेतावनी के बाद केंद्र सरकार व रेलवे पुलिस ने किसान आंदोलन के दौरान पूरे भारत में 24 सितंबर 2020 के बाद के सभी मुकदमे वापस लेने का आदेश जारी कर दिया है। हरियाणा में बहुत से मुकदमे अभी अदालतों में लंबित हैं। हालांकि, सरकार ने ज्यादातर मामलों को रद्द करने की सिफारिश कर दी है, बावजूद इसके बहुत संख्या में केस अदालतों में विचाराधीन हैं। इस कारण से बहुत से लोगों के असला लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और पासपोर्ट नहीं बनाए जा रहे।
चढ़ूनी ने कहा कि कई केस ऐसे हैं, जिन्हें वापस लेने की प्रक्रिया शुरू ही नहीं की गई, इनमें एफआईआर नंबर 206 व 77 शामिल हैं। समझौते के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों के शिष्टमंडल से ये केस वापस लेने का वादा किया था। करीब 32 से अधिक मुकदमे आंदोलन के पहले के हैं, जो वापस नहीं लिए गए हैं। जिन केस को वापस लेने की बात हुई थी, उन्हें अनट्रेस दिखाया जा रहा है, यह किसानों के साथ विश्वासघात है। क्योंकि, कानूनन अनट्रेस केस को कभी भी खोला जा सकता है।
सरकार से मांग है कि वादे अनुसार सभी केस को वापस लेने की कार्रवाई करें। अनट्रेस केस से प्रदेश का किसान सहमत नहीं हैं। अगर सरकार केस वापस नहीं लेती है तो 24 नवंबर को अंबाला की मोहड़ा अनाज मंडी के सामने जहां पिछले साल दिल्ली कूच के लिए बैरिकेड तोड़ने की शुरुआत हुई थी, वहां पर जीटी रोड जाम कर दिया जाएगा।
ज्ञापन में दिलाई जाएगी एमएसपी गारंटी कानून की याद
गुरनाम चढ़ूनी ने कहा कि 24 नवंबर को जीटी रोड जाम करने के दौरान सरकार के प्रतिनिधियों को ज्ञापन भी सौंपेंगे। उसमें एमएसपी की गारंटी का कानून और अन्य वादों की याद दिलाई जाएगी।साथ ही किसानों का पूरा कर्जा माफ करने, जीएम सरसों की अनुमति न देने, लखीमपुर केस में किसानों पर बने मुकदमे वापस लेने, गेहूं और धान का भाव अगले वर्ष के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने, पूरे देश में गन्ने की पेमेंट टाइम बाउंड करने, पिछली गन्ना पेमेंट ब्याज सहित दिलवाने, फसलों का बीमा क्लेम का टाइम बाउंड करने, मुस्तर्का मलकान जमीनों को किसानों के नाम करवाने जैसी सभी मांगों को उठाया जाएगा।