इस बार भी उनकी डीसी मोहम्मद इश्फाक से शाम चार से छह बजे तक दो घंटे लगातार मांगों पर बातचीत चली। डीसी ने उनकी किसी भी मांग को स्वीकार नहीं किया। इससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है। इस मौके पर राम मूर्ति, महिंदर सिंह थम्मण, करनैल सिंह मल्ली, अश्विनी कुमार दोरांगला, निर्मल सिंह, दलबीर सिंह ठुंडी, दीदार सिंह, रछपाल सिंह डुग्गरी, सुखविंदर सिंह, सुखदेव सिंह आदि उपस्थित थे।
यह ट्रेनें की गईं निरस्त
जाम से चार ट्रेन रद्द हो गईं, जिसमें 74674 डीएसयू पठानकोट-वेरका, 74673 डीएमयू वेरका टू पठानकोट, 74671 जीएमयू अमृतसर-पठानकोट तथा 14634 रावी एक्सप्रेस शामिल है। स्टेशन मास्टर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि टाटा मूरी ट्रेन को डायवर्ट कर मुकेरिया से दिल्ली के लिए भेज दिया गया है। दिल्ली से पठानकोट आने वाली गाड़ी अभी तक धारीवाल स्टेशन पर रुकी है।
क्या कहते हैं डीसी
डीसी ने बताया कि किसानों की कुछ मांगो को सरकार की ओर से मान लिया गया है। उन्होंने बताया 2018 और बाद की खराब फसलों का मुआवजे के पैसे मिल चुके हैं। सरकार के ध्यान में सारा मामला आ चुका है और सरकार जल्द प्राइवेट मिलों को भी अदायगी के लिए कहेगी। किसान अपनी मांगो पर अड़े है और धरना समाप्त नहीं है।