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Punjab: फिर से किसान आंदोलन की सुगबुगाहट; चंडीगढ़ में SKM की बैठक, किसानों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम

Fri, 10 Oct 2025 04:11 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एक बार फिर किसान आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। बैठक में फैसला लिया गया है कि किसान अपनी मांगों को लेकर 15 अक्तूबर को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के जिलों में किसान मोर्चे धरना लगाएंगे।
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किसानों की बैठक के दौरान जगजीत सिंह डल्लेवाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ किसान भवन में शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) की बैठक हुई। यह बैठक एसकेएम के  किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की अध्यक्षता में हुई है। बैठक के बाद एक बार फिर किसान आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। बैठक में फैसला लिया गया है कि किसान अपनी मांगों को लेकर 15 अक्तूबर को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के जिलों में किसान मोर्चे धरना लगाएंगे। बैठक में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के किसान नेता पहुंचे थे। 

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बैठक के दौरान किसान नेताओं ने पराली को प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण मानने पर नाराजगी जताई है। वहीं यह भी कहा कि 15 अक्तूबर तक किसानों की मांगें नहीं मानी तो चंडीगढ़ में पंजाब गवर्नर के आवास का घेराव करेंगे। उसके बाद भी सुनवाई न हुई तो किसान फिर से पक्का मोर्चा लगाएंगे। 

इसके अलावा किसानों पर दर्ज मुकदमे में अभी तक रद्द न करने पर नाराजगी जताई है। बैठक के दौरान संपूर्ण किसान कर्ज माफी की मांग बुलंद की गई। पंजाब में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों के लिए घोषित मुआवजे को बढ़ाने की मांग की गई है। बाढ़ पीड़ित किसानों को 20 हजार के बजाय एक लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। जिनके घर बाढ़ मे बह गए हैं उन्हें 10 लाख रुपये मिले। बाढ़ में जिन लोगों की मौत हो गई है उनके परिजनों को 25-25 लाख रुपये दिए जाएं।
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संयुक्त किसान मोर्चा मंडियों में धान खरीद के दौरान खरीद प्रक्रिया की निगरानी करेगा। मंडियों में धान खरीद के दौरान किसानों के साथ गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही हैं। संयुक्त किसान मोर्चा की मांग है कि केंद्र सरकार देश में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करें। 

किसान नेताओं ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात का आश्वासन मिला था, लेकिन अभी तक मुलाकात के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। इस पर किसानों ने नाराजगी जताते हुए जल्द मुलाकात की मांग की है। पिछली बार पक्के मोर्चे के दौरान धरना स्थल से किसानों का सामान चोरी होने के मामले में पंजाब पुलिस ने अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं की है। इस पर भी किसान नेता खासे नाराज दिखे। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की चेतावनी दी है कि किसानों की मांगों पर केंद्र व राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई तो दोबारा किसान पक्का मोर्चा लगाने पर मजबूर होंगे। 

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