अपनी बॉडी के जरिए बॉलीवुड से लेकर अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले बॉडी बिल्डर वरिंदर सिंह घुम्मण का अंतिम संस्कार स्थानीय मॉडल टाऊन में गमगीन माहौल में शुक्रवार को किया गया। वरिंदर घुम्मन बॉडी बिल्डर होने के बावजूद शाकाहारी थे।
वीरवार को अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान 2 हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया था। उनके दोस्तों का आरोप है कि घुम्मण की बॉडी नीली पड़ गई थी और अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही की है। दोस्तों और डॉक्टरों के बीच इस मामले में बहस भी हुई और अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में हंगामा भी हुआ।
डॉक्टर अनिकेत ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान और बाद में दी गई सभी दवाओं का रिकॉर्ड फाइल में दर्ज है। जब दोस्तों ने सीसीटीवी की मांग की तो अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर में कैमरा नहीं है, केवल बाहर की फुटेज उपलब्ध है, जिसमें घुम्मण का बेड नजर नहीं आता।
वरिंदर घुम्मण जालंधर के मिठापुर रोड पर एक बड़ा और आलीशान घर बनवा रहे थे, जहां वे इस दीवाली पर शिफ्ट होने वाले थे। लेकिन नस की एक समस्या को लेकर वह पहले पीजीआई चंडीगढ़ गए थे, लेकिन बाद में इलाज के लिए अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल आए। चिकित्सकों ने उनको एक छोटा ऑपरेशन करवाने की सलाह दी। जहां वीरवार को ही ऑपरेशन के बाद उन्हें छुट्टी मिल जानी थी, लेकिन ऑपरेशन के दौरान उन्हें दो हार्ट अटैक आए, जिसके बाद उनका निधन हो गया।
गुरदासपुर में जन्मे, जालंधर में पले
वरिंदर घुम्मण का जन्म 28 दिसंबर 1982 को गुरदासपुर जिले के तलवंडी में हुआ। प्राथमिक शिक्षा वहीं पर हुई और उसके बाद उनका परिवार जालंधर में शिफ्ट हो गया। उन्होंने हायर एजुकेशन जालंधर के लायलपुर खालसा कॉलेज से प्राप्त की। उन्होंने एमबीए की और बाद में मुंबई से डांस एंड एक्टिंग का कोर्स किया।
टैटू बनवाने का शौक
वरिंदर घुम्मण टैटू बनवाने के शौकीन थे। उन्होंने अपने दाएं हाथ पर सांप का टैटू बनाया था, जबकि बाएं हाथ की बीच वाली उंगली पर ओंकार का टैटू बना था। जब भी वो कोई कंपटीशन जीतते थे तो पहले अपने दाएं हाथ पर बने सांप वाला टैटू दिखाते और उसके बाद बायां हाथ आगे करके उंगली पर बना टैटू दिखाते थे।
छोटे भाई की हो चुकी है मौत
वरिंदर घुम्मण के परिवार में पत्नी, एक बेटी और दो बेटे हैं। उनके पिता भूपेंद्र सिंह पंजाब पुलिस से बतौर एएसआई रिटायर्ड हुए हैं। उनकी माता हरभजन कौर का देहांत 11 अगस्त 2009 को हो गया था। पिता कबड्डी और दादा हॉकी प्लेयर रहे हैं। उनके भाई छोटा घुम्मण की छत से गिरकर मौत हुई थी।