कपास व अन्य फसलों के नुकसान का मुआवजा लेने के लिए संघर्षरत किसान गुरुवार को भाकियू एकता उगराहां के नेतृत्व में वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल के आवास जा पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद किसान बैरिकेड तोड़कर पुलिस सुरक्षा चक्र दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के आवास पर पहुंचे किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में शामिल सूबा सचिव शिंगारा सिंह मान ने कहा कि गुलाबी सूंडी के हमले व अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण कपास समेत अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। जिसके मुआवजे के लिए किसान, मजदूर पांच अक्तूबर से गांव बादल में मोर्चा लगाए हैं।
मगर सरकार मांगों को मानने को लेकर चुप्पी साधे है। उन्होंने कहा कि कंपनियों की ओर से नकली बीजों के कारण भी किसानों का आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसान आत्महत्या करने को विवश हैं। मगर सरकार किसानों की हालत सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही।
उधर, मनप्रीत बादल की कोठी के घेराव के बाद मौके पर अधिकारियों ने एसडीएम गिद्दड़बाहा के साथ किसानों की बातचीत करवाई। जिसमें एसडीएम ने आठ अक्तूबर को सुबह 11 बजे यूनियन की सरकार के साथ इस मसले पर बातचीत कराने का आश्वासन दिया।
जिसके बाद किसान वित्तमंत्री की कोठी का घेराव छोड़ मोर्चा स्थल पर चले गए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगें न मानीं तो वे आघोषित समय के लिए वित्तमंत्री के निवास का घेराव करेंगे।