कॉरिडोर के गेट के सामने प्रदर्शन करते किसान।
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डेरा बाबा नानक में करतारपुर कॉरिडोर के गेट पर सोमवार को आसपास के गांवों के किसानों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि करतारपुर कॉरिडोर बनाने के लिए उनसे बिना किसी शर्त जमीन ले ली गई थी मगर केंद्र सरकार ने इसके बदले जो मुआवजा देने का वादा किया था, वह अभी तक पूरे नहीं किया।
अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट-काट कर अब आखिरकार उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आईसीपी (इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट) के किसी भी कर्मचारी को काम करने के लिए कॉरिडोर परिसर में नहीं जाने दिया। सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से बीएसएफ के जवानों को कॉरिडोर की तरफ जाने दिया गया। खबर लिखे जाने तक किसानों का धरना प्रदर्शन जारी था। इस मौके पर प्रदर्शनकारी किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि 2019 में डेरा बाबा नानक में करतारपुर कॉरिडोर बनाने के लिए सरकार ने बिना शर्त उनकी जमीन ली थी लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जितने भी प्रस्ताव एसडीएम ने भेजे हैं, उनके अनुसार कानून के मुताबिक उनका उचित मुआवजा उन्हें नहीं मिला है। उनकी जमीन लेते वक्त सरकार ने उनसे वादा किया था कि कॉरिडोर के बीच आने वाले प्रति घर को पांच लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी लेकिन अभी वादा पूरा नहीं किया।
जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक कॉरिडोर में काम करने वाले किसी भी कर्मचारी को अंदर दाखिल नहीं होने दिया जाएगा, सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से बीएसएफ के जवानों को कॉरिडोर की तरफ जाने दिया जाएगा। इस मौके पर मुख्तार सिंह फौजी, मनजीत सिंह, मलकीत सिंह, प्रधान गुरप्रीत सिंह, गुरनाम सिंह ,बलजीत सिंह, दर्शन सिंह, जयमल सिंह, हरदीप सिंह, सरवन सिंह समेत कॉरिडोर के आसपास सटे तीन गांवों के किसान मौजूद रहे।