पंजाब पुलिस ने ग्रामीणों को लंगर ले जाने से रोका
किसान नेताओं ने कहा कि मंगलवार को पंजाब पुलिस ने शंभू व खनौरी बॉर्डर के आसपास के गांवों में जाकर घोषणा की है कि कोई भी किसानों के लिए लंगर लेकर न जाएं। लंगर लेकर जा रहे लोगों को रोका गया। उन्हें कहा गया कि किसानी आंदोलन खत्म हो गया है। आज सभी की गिरफ्तारी हो जानी ही है। मान सरकार इस पर अपना पक्ष साफ करे, क्योंकि इससे तो लगता है कि हाथी के दांत खाने के कुछ, दिखाने के और हैं। किसान नेताओं ने कहा कि उनकी जत्थेबंदियां मान सरकार की कड़े शब्दों में निंदा करती हैं।
किसानों पर हमला हुआ तो पंजाब पुलिस पीछे हटी
पंधेर व डल्लेवाल ने कहा कि मंगलवार को जब खन्नौरी व शंभू बॉर्डरों पर किसानों पर हरियाणा की तरफ से हमले हुए तो पंजाब पुलिस वहीं मौजूद थी लेकिन मुलाजिमों ने कुछ करने के बजाय सभी पीछे हट गए। इससे पहले ही पंजाब पुलिस ने ड्रोन से किसानों पर गोलें फेंके जाने के वक्त कुछ नहीं किया था।
पांच किसान लापता, 113 घायल: डल्लेवाल
किसान नेता डल्लेवाल ने कहा कि पांच किसान लापता हैं। पूरी आशंका है कि उन्हें हरियाणा पुलिस ने उठाया है। इन्हें जल्द छोड़ा जाए। पंधेर ने बताया कि खनौरी बॉर्डर पर बुधवार को 100 किसान घायल हुए हैं। वहीं शंभू बॉर्डर पर 13 किसानों को चोट आई है। बुधवार को किसान नेताओं की अगुवाई में नौजवान शंभू बॉर्डर पर शांतमयी ढंग से आगे बढ़ रहे थे। तभी उन पर आंसू गैस के गोले दागे गए। इससे साफ है कि हरियाणा सरकार साजिश के तहत माहौल को खराब करना चाहती थी। मान सरकार को चाहिए कि निहत्थे किसानों पर हमला करने वालों की पहचान करे और उनके खिलाफ केस दर्ज करे।
पंधेर ने कहा कि मोर्चा चड़दी कला में है और हजारों किसान इसमें जुट रहे हैं। केंद्र से बातचीत के मिले न्यौते और आगे किसान जत्थेबंदियां किस तरह से बढ़ेंगी, इस पर पंधेर ने कहा कि शुक्रवार शाम तक सारी बात मीडिया के सामने साफ कर दी जाएगी। फिलहाल वह केंद्र के साथ बातचीत करने के बारे में सोचने की हालत में नहीं हैं क्योंकि आंदोलन में एक 22 साल के नौजवान की मौत हुई है।