BKU (Rajewal) President Balbir Rajewal
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भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर किसान आंदोलन को पटरी से उतारे जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कई बार मांग के बाद भी दिल्ली सीमा पर किसानों के टीकाकरण का अभियान सरकार ने शुरू नहीं किया। आंदोलन समाप्त करने के लिए किसानों की कोविड रिपोर्ट झूठी बनाकर उन्हें पॉजिटिव बताया जा रहा है।
चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में राजेवाल ने कहा कि किसान आंदोलन के बारे में कहा जा रहा है कि टीकरी और सिंघु सीमाओं पर संक्रमण का प्रसार हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर दो किसान नेताओं की मौत उनकी बीमारी के कारण हुई, न कि कोविड के कारण। उन्होंने कहा कि यह गर्व का क्षण है कि किसान सफलतापूर्वक विरोध कर रहे हैं और संयुक्त किसान मोर्चा कभी नहीं चाहेगा कि कोई भी किसान संक्रमित हो।
राजेवाल ने बताया कि किसान संगठनों ने आवश्यक दवाओं की नि:शुल्क उपलब्धता के अलावा धरना स्थलों पर संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रदर्शन को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं। किसान संगठनों ने हरियाणा सरकार से अनुरोध किया था कि कोविड की स्थिति की जांच करने और किसानों का टीकाकरण करने के लिए डॉक्टरों की टीमों को दिल्ली सीमा पर भेजा जाए, लेकिन अभी तक कोई डॉक्टर नहीं आया है।
बाजवा की आलोचना की
राजेवाल ने पंजाब के गांवों में कोविड के प्रसार के लिए किसानों को दोषी ठहराने के लिए पंजाब के कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा के बयान की आलोचना की। उन्होंने आगे कहा कि किसान दिल्ली सीमा पर 6 माह का धरना पूरा करेंगे और 26 मई को किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाकर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ ग्रामीण स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
राष्ट्रीय सम्मेलन में बनेगी रणनीति
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा कृषि कानूनों पर एक राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित करेगा। इसमें आंदोलन की आगे की रणनीति बनाई जाएगी। संक्रमण की स्थिति सामान्य होने के बाद स्थान और तिथि को अंतिम रूप दिया जाएगा।