पठानकोट के गांव में पानी में तैरता पत्थर।
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पंजाब के पठानकोट में कस्बा शाहपुरकंडी से सटे गांव डडवां में एक किसान को खेत से अद्भुत पत्थर मिला है जो पानी में तैरता है। इलाके में जब यह बात फैली तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। स्थानीय लोग इसे रामायण काल से जोड़ कर देख रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे भगवान राम का आर्शीवाद समझ पूजने लगे। फिलहाल गांव डडवां में इस अद्भुत पत्थर को देखने के लिए लोगों का तांता लगा है।
गांव डडवां निवासी किसान साहब सिंह ने बताया कि रविवार सुबह वह अपने खेतों में काम कर रहा था। तभी उसे हल्के नीले रंग यह पत्थर मिला। वह इसे उठाकर अपने घर ले आया। साहब सिंह ने बताया कि लगभग आधा किलो वजन के इस अद्भुत पत्थर को धोने के लिए जब पानी में डाला गया तो वह तैरने लगा। उन्होंने बताया कि जब इसकी खबर आस-पड़ोस को लगी तो लोग इस पत्थर के दर्शन करने के लिए उनके घर आने लगे।
गांव के सरपंच अवतार सिंह का कहना है कि रामायण काल का यह अद्भुत पत्थर भगवान राम का ही कोई करिश्मा है। उन्होंने बताया कि लोग आरती उतार कर इसकी पूजा कर रहे हैं। सरपंच का कहना है कि पुरातत्व विभाग को इसकी सूचना दी जाएगी और इसके बारे जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाएगी।
500 ग्राम वजनी पत्थर पानी में डालते ही तैरने लगता है
किसान साहब सिंह ने बताया कि 500 ग्राम वजनी इस पत्थर में अलौकिक शक्ति है। दिखने में भी यह पत्थर असामान्य लगता है। साहब ने बताया कि जब इस पत्थर को पानी में फेंका जाता है तो एक बार डूबने के बाद तुरंत ही बाहर आ जाता है। इसका रंग हल्का नीला है और अन्य पत्थरों के मुकाबले यह सुंदर और अलग दिखता है।