एक किसान अनाज मंडी में 48 घंटे से गेहूं की खरीद का इंतजार कर रहा था कि अचानक उसकी जान चली गई। मामला हरियाणा के टोहाना का है। चंदड़कलां निवासी किसान की जान हृदयगति रुकने से गई। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि फसल न बिकने से उसका भाई परेशान था।
पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लिया और कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया। एसडीएम टोहाना ने मामले की जांच करवाने की बात कही है। गांव चंदड़कलां का किसान घोनराम (49) तीन एकड़ जमीन में खेती करके गुजर-बसर कर रहा था। दो दिन पहले वह अपनी गेहूं की फसल बेचने रतिया रोड स्थित अतिरिक्त अनाज मंडी में आया था।
मृतक के भाई महेंद्र ने पुलिस को बताया कि लगातार बदल रहे मौसम और बारिश के कारण फसल भीगने के डर से वह परेशान था। फसल न बिकने के कारण दो दिन से मंडी में ही रहकर फसल की रखवाली कर रहा था। परेशानी के कारण घोनराम मंडी में अचानक बेसुध हो गया। लोग उसे लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महेंद्र ने कहा कि उसके भाई के दो बेटे हैं और परिवार गरीब है। उसने सरकार से परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग की।
करवाएंगे मामले की जांच : एसडीएम
शहर थाना प्रभारी सुखदेव सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में हृदय गति रुकने से मौत की बात सामने आई है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। गोहाना एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने कहा कि गेहूं न बिकने के कारण किसान की मौत की बात मीडिया के माध्यम से पता चली है। जांच करवाई जाएगी, यदि यह सच हुआ तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई करेंगे।