बुधवार को दिल्ली सीमा पर चल रहे किसानों के आंदोलन में पंजाब के एक और किसान की मौत हो गई थी। अचानक तबीयत बिगड़ने से 55 वर्षीय किसान नेता गुरजंट सिंह पुत्र राम सिंह का निधन हुआ था। वह पंजाब के मानसा जिले के बछोआना के रहने वाले थे। वह भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां से जुड़े थे। गुरजंट सिंह किसान आंदोलनों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे और अपने गांव के किसान नेता भी थे। बता दें कि बहादुरगढ़ में अब तक आंदोलन के दौरान चार किसानों की मौत हो चुकी है।
तबीयत बिगड़ने से हो चुकी किसान की मौत
28 नवंबर की रात बहादुरगढ़ बाईपास पर पंजाब के बरनाला जिले के गांव धनवाला मंडी निवासी जनकराज की कार में आग लगने से झुलसने से मौत हो गई थी। जबकि पंजाब के भगवानपुरा निवासी किसान गज्जन सिंह की 29 नवंबर की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई थी और उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। चिकित्सकों के अनुसार उसकी मौत हृदयघात होने से हुई थी।
हादसे में किसान ने गंवाई थी जान
दिल्ली में कृषि कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन से पंजाब लौट रहे किसान की कुरुक्षेत्र में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। यह हादसा गांव खानपुर कोलियां के समीप हुआ था। वहीं बाइक सवार दूसरा किसान गंभीर रूप से घायल हो गया था। मृतक की पहचान गांव झमट थाना पायल, जिला लुधियाना(पंजाब) निवासी 32 वर्षीय बलजिंद्र सिंह के रूप में हुई थी। हादसा अज्ञात वाहन के पीछे से टक्कर मारने की वजह से हुआ था।
भिवानी में भी एक किसान की जा चुकी जान
भिवानी में किसान आंदोलन के दौरान नाक तोड़ निकलने के दौरान एक ट्रक ने किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मारी दी। जिसमें एक किसान की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई।