मंगलवार को ग्लाडा के मुलाजिम जमीन अधिग्रहण का नोटिस लेकर निहाल सिंह के घर पहुंच गए। इससे निहाल सिंह और विचलित हो गया। सुबह दस बजे वह घर से खेत में जाने की बात कहकर निकल गया। दोपहर 12 बजे तक जब निहाल सिंह घर नहीं लौटा तो उसके परिजनों ने फोन करना शुरू किया। कोई जवाब नहीं मिलने पर उसके दोनों बेटे राजविंदर सिंह और जसविंदर सिंह खेत पहुंचे तो देखा उनका पिता खेत में गिरा पड़ा है।
वे पिता को तुरंत निजी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें सिविल अस्पताल भेज दिया गया। यहां उपचार के दौरान निहाल सिंह की मौत हो गई। मृतक का एक बेटा राजविंदर सिंह सेना में लांस नायक है जबकि दूसरा बेटा जसविंदर सिंह दुबई में काम करता है। पत्नी हरबंस कौर गृहिणी है और बेटी परमजीत कौर की शादी हो चुकी है। दोनों बेटे पिता से मिलने के लिए घर आए हुए थे।
एक ही बात बोल रहे थे जमीन शरीक खा जाएंगे
लांस नायक राजविंदर सिंह ने बताया कि बीते दो माह से उसके पिता जमीन को लेकर परेशान चल रहे थे। वह हर बार एक ही बात बोलते थे कि दुरुस्ती नहीं हो रही है, ऐसे में उसके शरीक सारी जमीन का खा जाएंगे। जमीन दुरुस्ती के लिए दो माह से अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे थे। मंगलवार को जमीन अधिग्रहण का नोटिस भी आ गया। जबकि उनके परिवार पर 15 लाख रुपये का कर्ज भी है। इसी गम में उसके पिता ने जहर निगलकर आत्महत्या कर ली।
हमने ग्लाडा अधिकारियों को पहले कहा था कि जमीन अधिग्रहण का नोटिस अभी जारी न करें, क्योंकि जमीन रिकॉर्ड में दुरुस्तगी न होने के कारण किसान पहले से परेशान चल रहे हैं। छह मार्च को एक साथ सभी नोटिस भेज दें, पंचायत सभी नोटिस को लेगी। इसके बावजूद मंगलवार को ग्लाडा ने नोटिस भेज दिए। निहाल सिंह माल रिकॉर्ड में दुरुस्ती के लिए दो माह से परेशान था। लखबीर सिंह, सरपंच गांव एतिआणा
यह मामला बहुत गंभीर है। मैं पहले भी किसानों से निवेदन कर चुका हूं कि अगर दुरुस्ती मामले में कोई उनकी बात नहीं सुन रहा है तो वह उनके साथ सीधा संपर्क कर सकते हैं। इस मामले की जांच की जाएगी। अगर किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। डॉ. हिमांशु गुप्ता, एसडीएम, रायकोट।