कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी मालिकों ने महिला मजदूरों को सुरक्षा की दृष्टि से बुलाना बंद कर दिया है, लेकिन पुरुष मजदूरों को मजबूरी में बुलाया जा रहा है। उद्यमी सुभाष गुप्ता ने बताया कि मजदूरों को बुलाकर फैक्टरी में बैठा लेते हैं या उनसे साफ-सफाई करा लेते हैं। मजदूरों को खाली बैठने का वेतन दिया जाएगा।
राई औद्योगिक क्षेत्र में अन्य रास्तों से ट्रांसपोर्ट पहुंच रहा है तो वहां कुछ फैक्टरी चल रही है। जहां से सप्लाई केवल दिल्ली में होनी है, वे फैक्टरी बंद होने से उद्यमियों को रोजाना लगभग 50 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ रहा है। नाथूपुर सबौली, मुरथल व बड़ी के उद्यमी भी करीब 20 करोड़ तक का नुकसान रोजाना उठा रहे हैं।
फैक्टरी में माल नहीं आ रहा है और तैयार माल किसी जगह नहीं पहुंच रहा है। इसलिए ही व्यापारियों ने ऑर्डर निरस्त करके अन्य जगहों से माल लेना शुरू कर दिया है। क्योंकि ऐसे भी सामान है, उनके बिना उनका उत्पादन बंद हो जाएगा। इसलिए वह मजबूरी में दूसरी जगह से माल लेने लगे हैं। कुंडली में रोजाना करीब 80 करोड़ रुपये का नुकसान उद्यमी झेल रहे हैं। - सुभाष गुप्ता, अध्यक्ष कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन
यह महीने का आखिरी सप्ताह था, जिसमें सामान को भेजना जरूरी होता है। लेकिन किसान आंदोलन के कारण ट्रांसपोर्ट ठप हो गया है और सामान नहीं भेजा जा सका है। कच्चा माल मंगवाया भी नहीं जा रहा है। ऐसे में ऑर्डर निरस्त होने से सबसे ज्यादा नुकसान फैक्टरी मालिकों को हो रहा है। राई में इस समय करीब 50 करोड़ का नुकसान फैक्टरी बंद होने से उद्यमियों को झेलना पड़ रहा है। क्योंकि सोनीपत में किसान आंदोलन का सबसे ज्यादा असर है। - राकेश देवगन, प्रधान राई औद्योगिक मैन्यूफेक्चरिंग एसोसिएशन।