चंडीगढ़ के अस्पतालों में खाली हैं 50 फीसदी बेड
लोग अस्पताल में आना नहीं चाहते, जबकि चंडीगढ़ प्रशासन के अस्पतालों में 50 फीसदी बेड खाली पड़े हैं। यह बेड इसीलिए खाली रखे गए हैं, ताकि कोरोना के उन मरीजों को दाखिल कराया जा सके, जो सीनियर सिटीजन के साथ दूसरी बीमारियों से भी पीड़ित रहे हैं। ऐसे में मरीजों के तीमारदारों को समझना चाहिए कि जब उनके घर में ऐसी स्थिति बने तो उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। उसमें देरी बिल्कुल न करें।
राज्य/यूटी कुल केस मौतें
- चंडीगढ़ 17342 276
- मणिपुर 24910 273
- अरुणाचल प्रदेश 16269 54
- मेघालय 11740 111
- नागालैंड 11159 64
- लद्दाख 8403 116
मेरी चंडीगढ़वासियों से विनम्र अपील है कि उनके घर के किसी बुजुर्ग सदस्य को कोरोना के साथ कोई दूसरी बीमारी है तो उन्हें होम आइसोलेशन में रखने के बजाय अस्पताल में दाखिल करवाएं। अस्पताल में तीन से चार दिन उनकी स्थिति बेहतर रहती है तो उन्हें घर भेज दिया जाएगा।- डा. अमनदीप कंग, निदेशक स्वास्थ्य विभाग चंडीगढ़
जब तक कोरोना के केस नहीं रुकते, तब तक मौतें भी नहीं रुकेंगी। पहली प्राथमिकता कोरोना को रोकना है। सीनियर सिटीजन को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। होम आइसोलेशन वाले मरीजों को ऑक्सीजन का स्तर समय-समय पर देखना चाहिए। यदि ऑक्सीजन का स्तर तय मानक से कम आता है तो अस्पताल पहुंचने में देर न करें।-प्रो. राजेश कुमार, पूर्व विभागाध्यक्ष स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई