दरअसल, हुड्डा विरोधी गुट किरण चौधरी के कांग्रेस छोड़ने को लेकर हाईकमान को यह संदेश देने की कोशिश में है कि हरियाणा कांग्रेस में एक धड़े का कब्जा है और दूसरे लोगों को सुनवाई नहीं हो पा रही है। प्रदेशाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष के साथ साथ हरियाणा प्रभारी पर भी एक तरफा होने के आरोप लगते रहे हैं। इसलिए अगर अब और कोई विधायक या कोई बड़ा नेता कांग्रेस छोड़ता है तो यकीनन हुड्डा पर इसका असर पड़ना तय है। उधर, संभावना है कि जीटी रोड से एक कांग्रेस के विधायक की मुशिकलें बढती जा रही हैं, इसलिए अब भी भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं।
बता दें कि हरियाणा कांग्रेस में 40 से अधिक पूर्व विधायक और पूर्व सांसद शामिल हो चुके हैं। इनके अलावा, भाजपा के कुछ विधायकों पर भी कांग्रेस की नजर है। लोकसभा चुनावों में गन्नोर से भाजपा विधायक निर्मल चौधरी के पति की आडियो तक वायरल हो गई थी। आडियो में उन्होंने हुड्डा प्रेम अलापा था। इनके अलावा, भी नाराज चल रहे कुछ भाजपा विधायकों को साधने की कोशिशें जारी हैं।