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Jalandhar: ठेका बंद कराने पहुंचे निहंग ने पुलिस पर ताना तेजधार हथियार, टेंट के पास लगाए थे धमकाने वाले बोर्ड

Sat, 22 Jun 2024 03:40 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

गढ़ा में निहंग एक शराब ठेका बंद करवाना चाह रहे थे। उन्होंने मौके पर टेंट लगाकर एक बोर्ड भी लगा दिया था जिसमें शराब पीने पर मारने की बात लिखी गई थी। पुलिस उन्हें हटाने पहुंची तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया।
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पुलिस से उलझता निहंग। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जालंधर में गढ़ा के पास स्थित शराब की दुकान बंद कराने को लेकर निहंगों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि निहंगों ने पुलिस पर धारदार हथियार तान दिए। पुलिस ने दो घंटे बाद करीब पांच निहंगों को हिरासत में लिया और जानलेवा हमला करने के आरोप में थाना सात में केस दर्ज कर लिया है।
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इससे पहले निहंगों और पुलिस के बीच काफी हंगामा हुआ। निहंगों ने शराब की दुकान के पास डेरा जमाया हुआ था। सभी लोग वहां टेंट लगाकर रहते थे। हाल ही में निहंगों ने दुकान के पास एक बोर्ड लगा दिया था, जिस पर लिखा था कि अगर कोई भी व्यक्ति यहां शराब पीता दिखाई दिया तो उसे झटका दिया जाएगा। पंजाबी में झटकाने का मतलब मारना होता है। पुलिस को इस बात की जानकारी मिली तो निहंग को तुरंत प्रभाव से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने निहंगों द्वारा लगाए गए कैंप को हटा दिया और उनके टेंट भी उतार दिए गए। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है।

निहंगों ने गढ़ा में आसपास बोर्ड लगा दिए थे कि उक्त जगह पर शराब नहीं बेची जाएगी, अगर कोई ऐसा करता है तो उसके झटका (हत्या) दिया जाएगा। निहंगों द्वारा मौके पर टेंट लगाया गया था। घटनास्थल के कुछ वीडियो फोटो सामने आए हैं, जिसमें निहंग और पुलिस मुलाजिमों के बीच गहमा गहमी होती नजर आ रही है। 
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एसीपी मॉडल टाउन हरजिंदर सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि निहंग जबरन पीआईएमएस अस्पताल के पास शराब की दुकान बंद करवा रहे हैं। इस मुद्दे पर उनका पुलिस से कई बार विवाद हो चुका है। जब वह पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे तो निहंगों ने तलवार निकाल ली। उन्होंने बताया कि अमनजोत नामक युवक ने पहले उन पर हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें या किसी कर्मचारी को चोट नहीं आई। जांच के बाद पुलिस जल्द ही आगे की कार्रवाई करेगी। 

एडीसीपी-2 आदित्य ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस को सूचना मिली थी कि छोटी बारादरी, जालंधर में 4-5 व्यक्ति उपद्रव कर रहे हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर उपद्रवियों के गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेजा
पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को जेल भेज दिया है। थाना सात की पुलिस ने केस दर्ज होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया था। वहीं तनावपूर्ण माहौल के दौरान पुलिस ने दो नाबालिगों को भी पकड़ा था जिन्हें कुछ देर बाद छोड़ दिया गया। एडीसीपी आदित्य ने 4-5 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर केस दर्ज करने की बात कही थी और कुछ देर बाद ही थाना सात में 307 सहित विभिन्न धाराओं के तहत सभी पर मामला दर्ज कर लिया था। 

पूरे प्रकरण में अमनजोत और उसका साथी मुख्य आरोपी है जिसे ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया। एसीपी मॉडल टाउन हरजिंदर सिंह ने कहा कि पूरा प्रकरण एक हादसे की तरह था इसलिए बच्चों को केस में आरोपी नहीं बनाया वर्ना उनकी जिंदगी खराब हो जाती। 

एसीपी ने कहा कि शराब के ठेके का विरोध कर रहे निहंगों ने तंबू लगाकर वहां मीठा शरबत पिलाना शुरु कर दिया था। पिछले दिनों हुए हंगामे के दौरान पहुंची पुलिस ने निहंगों ने कहा था कि ठेके पर आने वाले लोग यहां से गुजरने वाली नर्सों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। जिसपर पुलिस मामला शांत कर वहां से चली गई थी। लेकिन शुक्रवार के प्रकरण के बाद पुलिस ने उनका टेंट उखाड़ दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून किसी को भी हाथ में लेने नहीं देंगे। जो ठेका चल रहा है वह सरकार से मंजूर शुदा है, अगर उन्हें धमका कर बंद करने को कहते हैं तो कार्रवाई जरूर होगी जो शुक्रवार को की गई थी।

वहीं ठेके बंद करवाने को लेकर धरना दे रहे निहंगों के समर्थन में कई सिख संगठन भी थे लेकिन पुलिस अपनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटी। सिख तालमेल कमेटी के प्रधान तजिंदर सिंह परदेसी और हरपाल चड्ढा ने कहा कि निहंग लोगों को सुविधाओं के लिए लड़ाई लड़ रहे थे हम उनके साथ खड़े हैं। जल्द ही प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से इस मसले का हल निकालने के लिए मुलाकात करेंगे।
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