प्रोग्रेसिव पंजाब के दूसरे सेशन के दौरान कई कंपनियों ने बायोसाइंस और हेल्थकेयर में निवेश में दिलचस्पी दिखाई। न्यू-चंडीगढ़ में विकसित हो रही मेडीसिटी को लेकर इंडस्ट्री ने काफी उत्साह दिखाया।
बायोकॉन की एमडी किरन मजूमदार शाह ने कहा कि कंपनी एक्सपैंशन प्लान पर तीन हजार करोड़ के निवेश के बारे में सोच रही है।
कंपनी की योजना ओरल इंसुलिन के क्षेत्र में इंटिग्रेटेड बायो फार्मास्यूटिकल कंपनी स्थापित करने की है। जहां डायबिटीज, ऑनकोलॉजी एवं ऑटो इम्यून डिसीज में रिसर्च पर फोकस किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आईआईएसईआर इस रिसर्च में अहम रोल अदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि देश को खाद्य सुरक्षा में आत्मनिर्भर बनाके बाद पंजाब के पास फार्मा सेक्टर में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने का दम है।
मर्क के प्रेसिडेंट अनंत कृष्णन ने कहा कि पंजाब के पास फार्मर से फार्मा तक मूव करने की क्षमता है। यहां देश का फार्मा हब बन सकता है।
मर्क की योजना पंजाब में डायबिटीज कंट्रोल सेंटर स्थापित करने की है। जहां जनरल फिजीशियंस को डायबिटीज मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी।
मैक्स के सीईओ डॉ. अजय बख्शी ने कहा कि मैक्स ने पंजाब में कैंसर रोगियों की पहचान के लिए डोर-टू-डोर कैंपेन चलाई है। हेल्थ सेक्रेटरी विन्नी महाजन ने उद्यमियों को पंजाब सरकार की नीतियों और यहां मौजूद अवसरों के बारे में बताया।