डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने पंजाब की नई इन्वेस्टर-फ्रेंडली हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट पॉलिसी निवेशकों के साथ सांझी की।
साथ ही उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर, हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट, पॉवर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टरों में निवेश का न्यौता दिया।
दो दिवसीय प्रोग्रेसिव पंजाब के पहले दिन के पहले सेशन में सुखबीर बादल ने कहा कि पंजाब पहला राज्य है, जिसने ऐसी नीति बनाई है।
जिसमें एक ही एजेंसी सभी सुविधाएं सीवरेज, पानी, स्ट्रीट लाइटें, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि मुहैया कराएगी और लोगों से यूजर्स चार्जेज वसूलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अर्बन डेवलपमेंट का काम पूरी तरह निजी हाथों में देना चाहती है। पंजाब 147 शहरों के ओवरऑल विकास पर फोकस कर रहा है।
जहां वॉटर सप्लाई एवं सीवरेज सेक्टर में 2280 करोड़ के निवेश की संभावनाएं हैं। वहीं, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए बनाए आठ क्लस्टरों में भी 732 करोड़ के निवेश के मौके हैं।
डाटा सेंटर, डिजास्टर रिकवरी सेंटर, जीआईएस डाटाबेस एवं रिकार्ड के डाटा डिजिटलाइजेशन के लिए निजी कंपनियों की जरूरत है।
सुखबीर ने कहा कि न्यू-चंडीगढ़ में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। यहां 424 एकड़ में मेडीसिटी, 1700 एकड़ में एजुसिटी और 1688 एकड़ में आईटी सिटी विकसित की जा रही हैं।
राज्य अगले तीन सालों में दो सौ मेगावाट सोलर पॉवर और एक हजार मेगावाट बायोमास का उत्पादन करने की योजना बना रहा है।
इससे पहले सेक्रेटरी ए वेणु प्रसाद व अनुराग अग्रवाल ने निवेशकों को प्रजेंटेशन दिया।
पैनल डिस्कशन में डीएलएफ के मोहित गुजराल, आईएसबी के प्रदीप सिंह, वेदांता के एसके रूंगटा, आदित्य बिरला सोलर के रवि खन्ना, जीवीके पॉवर के कृष्णाराम भूपाल ने हिस्सा लिया। केपीएमजी के अरविंद महाजन मॉडरेटर थे।