पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में स्कूलों में महंगी पढ़ाई के बोझ में दबे अभिभावकों की राहत के लिए अभी तक प्रशासनिक स्तर पर कोई इंतजाम नहीं किया गया है। लिहाजा एडवोकेट पंकज चांदगोठिया ने सीओसीपी कंटेम्ट आफ कोर्ट पिटीशन दायर कर प्रशासन के लिए एक और परेशानी खड़ी कर दी है। सोमवार को चांदगोठिया की इस पिटीशन पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। चांदगोठिया की यह याचिका हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए मंजूर हो गई है।
चांदगोठिया के मुताबिक अभी तक स्कूलों को प्रशासनिक स्तर पर जो नोटिस जारी किए जा रहे हैं, वे सिर्फ खानापूर्ति भर है। हकीकत यह है कि पंजाब और चंडीगढ़ में इस मनमानी पर काबू पाने के लिए शिक्षा विभाग की कोई रेग्यूलेटरी बाडी या सिस्टम नहीं है। जबकि हरियाणा स्कूल शिक्षा नियमावली में नियम 134- ए है।
हाईकोर्ट ने वर्ष 2013 में 86 पेज के आर्डर में स्कूलों में शिक्षा के व्यापारीकरण को बंद करने के लिए रेग्यूलेटरी बाडी बनाने के निर्देश दिए थे। खासकर पंजाब और चंडीगढ़ को विशेष फोकस करके यह बात कही गई थी। ताजा हालात को देखते हुए चांदगोठिया ने बजाए नई याचिका दायर करने के सीओसीपी दायर की है। जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी।