एस्टेट ऑफिस चंडीगढ़ ने अपनी सभी सेवाओं को ऑनलाइन और रिकॉर्ड को डिजिटल करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। जून 2021 तक शहरवासी एस्टेट ऑफिस में अपनी फाइलों को मोबाइल पर ट्रैक कर सकेंगे। इस प्रोजेक्ट के कार्यों की समीक्षा के लिए डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने वीरवार को यूटी गेस्ट हाउस में एस्टेट ऑफिस और एनआईसी के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डीसी ने तय समय में इस काम को पूरा करने के निर्देश दिए।
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 15 अगस्त को की गई थी। रिकॉर्ड को डिजिटल करने और सेवाओं को ऑनलाइन करने के लिए एनआईसी को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। इस पूरे काम के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करने की जिम्मेदारी और इसको लागू करने की जिम्मेदारी भी एनआईसी को सौंपी गई है। बैठक में डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जून 2021 तक अपना काम पूरा कर लें। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया के लिए 9 महीने का समय दिया है।
एनआईसी के अधिकारियों ने बताया कि फाइलों को डिजिटल करने और डाटा को संग्रहित करने के लिए उनकी तरह से सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है। एस्टेट ऑफिस की तरफ से सॉफ्टवेयर के माध्यम से डाटा अपलोड करने का काम भी शुरू हो चुका है। डीसी ने बताया कि इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद से शहर वासियों को अपनी फाइलों के लिए दौड़ भाग नहीं करनी पड़ेगी। वह घर बैठे ही अपने मोबाइल पर फाइलों को ट्रैक कर सकेंगे। इससे विभाग में पारदर्शिता आएगी और लोगों को भी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेगे।