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Chandigarh News: जीएमएसएच की चौथी मंजिल से कूदकर इस्टेट ऑफिस के कर्मचारी ने जान दी

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चंडीगढ़। गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल-16 की चौथी मंजिल से कूदकर सेक्टर-17 इस्टेट ऑफिस के एक कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली। घटना मंगलवार सुबह लगभग 8 बजे की है। बिल्डिंग से नीचे गिरने की आवाज सुन अस्पताल कर्मचारी व अन्य लोग उस तरफ दौड़े। उसे तुरंत इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दिनेश कुमार (36) इस्टेट ऑफिस की कॉलोनी ब्रांच में जूनियर असिस्टेंट के पद पर तैनात था। वह अपने परिवार सहित सेक्टर 15 में रह रहा था। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव कब्जे में ले लिया है।
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सेक्टर-17 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ओम प्रकाश ने बताया कि पुलिस कार्रवाई कर रही है। मृतक दिनेश अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे (चार व आठ साल) छोड़ गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दिनेश ने मानसिक तनाव के चलते यह कदम उठाया है। दिनेश तड़के तीन बजे ही घर से निकला गया था। हालांकि मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। वह मूलरूप से उत्तरप्रदेश के कानपुर का रहने वाला था। मृतक की मां गांव में रहती हैं। उन्हें जानकारी दे दी गई है। उनके आने के बाद ही परिवार अंतिम संस्कार करेगा। मृतक के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।


कर्मचारियों ने किया डीसी ऑफिस का घेराव

दिनेश की ओर से आत्महत्या करने की सूचना पाकर इस्टेट ऑफिस के कई कर्मचारी डीसी ऑफिस के बाहर जुट गए और प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों का कहना था कि नए कर्मियों की भर्ती नहीं हो रही और उनसे ज्यादा काम लिया जा रहा है। वहीं, इंटर डिपार्टमेंट ट्रांसफर के चलते इस्टेट ऑफिस के कई कर्मी बाहर चले जाते हैं और दूसरे विभाग के कर्मी काम अच्छे से नहीं कर पाते। इससे भी काम का बोझ बढ़ता है। ऐसे में कई कर्मी भारी तनाव में हैं। एक प्रदर्शनकारी ने अपनी जेब से दवाई भी निकाल कर दिखाई। इन कर्मियों को समझाने के लिए मौके पर खुद डीसी विनय प्रताप सिंह पहुंचे और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद कर्मियों से डीसी ने लंबी बातचीत भी की। कर्मचारियों का कहना था कि इस्टेट ऑफिस में कम कर्मियों से ज्यादा काम करवाया जा रहा है। वहीं स्टाफ की संख्या बढ़ाने पर कोई जोर नहीं दिया जा रहा।
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दो से तीन सीटों का काम करवा रहे

नाम न छापने की शर्त पर कई कर्मियों ने बताया कि दफ्तर में एक ही कर्मी से दो से तीन सीटों का काम तक करवाया जा रहा है। आरोप लगाया गया कि एईओ और एसडीएम रैंक के अफसरों की संख्या बढ़ाई जा रही है जबकि निचले स्तर के कर्मियों की संख्या बेहद कम है। कच्चे कर्मियों ने रोष जताते हुए कहा कि उन्हें समय पर तनख्वाह नहीं मिल रही है और छुट्टी वाले दिन भी काम करवाया जाता है। दिनेश जिस विभाग में कार्यरत था उसमें पहले 18 कर्मी थे। वहीं अब दिनेश के जाने के बाद अब सिर्फ 4 कर्मी रह गए हैं।
मोबाइल पर बताई थी तकलीफमृतक के भाई मुकेश कुमार ने बताया कि दिनेश ने घर के मोबाइल नंबर पर एक मैसेज भेजा था। इसमें परिवार को बताया था कि उसे 4-5 महीने से दिमागी रूप से परेशान किया जा रहा है। वह परेशान है। इसमें इस्टेट ऑफिस के एक अफसर का नाम लिखकर कहा था कि उसे अपने पास से हटाकर कॉलोनी ब्रांच में लगवा दिया। अफसर ने अपने कई लोगों को इस्टेट ऑफिस में रखा है। इसके बाद से उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं चल रहा। सबके सामने मैं ही गलत हूं।
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