कैबिनेट बैठक में ओपीएस बहाली के लिए मंत्रिमंडल को सौंपा ज्ञापन
ओपीएस बहाल ना होने पर 28 जून से जिला स्तरीय आक्रोश मार्च से तेज करेंगे आंदोलन
एक सितंबर को पंचकूला में मुख्यमंत्री आवास का करेंगे घेराव
चंडीगढ़। ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) बहाली के लिए पेंशन बहाली संघर्ष समिति ने एक बार फिर प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके लिए संघर्ष समिति की राज्य कार्यकारिणी ने प्रदेश अध्यक्ष विजेन्द्र धारीवाल की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुज्जर, रणजीत चौटाला, सीमा त्रिखा, असीम गोयल, कमल गुप्ता, जेपी दलाल और राज्य मंत्री संजय सिंह को 27 जून को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में ओपीएस बहाल करने की मांग का ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश के कर्मचारी पीछे कई साल से ओपीएस बहाली की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर पेंशन बहाली संघर्ष समिति प्रदेश में कई बड़े आंदोलन कर चुकी है, जिसके दबाव में हरियाणा सरकार की ओर से 20 फरवरी 2024 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पॉवर कमेटी का गठन कर चुकी है, इसके बावजूद भी अभी तक सरकार ओपीएस बहाली के लिए कोई फैसला नहीं ले सकी है। विजेन्द्र धारीवाल ने कहा कि अगर कैबिनेट मीटिंग में सरकार ओपीएस बहाल नहीं करती तो संघर्ष समिति प्रदेश में 28 जून से पेंशन आंदोलन को तेज करेगी। संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल में महासचिव ऋषि नैन, रमेश कुमार, अनूप लाठर, राजबाला कौशिक, बलराम आर्य, अरविंद यादव, कमलदीप हुसैनी, जोगिंद्र लोहान, सुभाष जांगड़ा, रमेश धीमान, आनंद कंवर, विजय, सुनील, सत्य नारायण, दिनेश शर्मा, अनिल शामिल रहे।
28 जून से 11 अगस्त तक सभी जिलों में होंगे पेंशन आक्रोश मार्च
समिति की ओर से 28 जून से 11 अगस्त तक का आंदोलन का रोडमैप तैयार किया गया। इस दौरान सभी जिलों में पेंशन आक्रोश मार्च निकाले जाएंगे। 28 जून को जींद, 10 जुलाई को पानीपत, 11 जुलाई यमुनानगर, 13 जुलाई अंबाला और चरखी दादरी
रेवाड़ी में 14 को, झज्जर में 15 को, गुरुग्राम में 18 को, हिसार में 21 को, फरीदाबाद और सोनीपत में 25 जुलाई को, सिरसा में 28 को, रोहतक व करनाल 31 को, कुरुक्षेत्र 2 अगस्त को, महेंद्रगढ़ और पलवल 4 अगस्त को, कैथल 10 अगस्त, फतेहबाद 11 अगस्त और पंचकूला में 01 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव का घेराव किया जाना प्रस्तावित है।