सुभाष लांबा व सतीश सेठी ने कहा कि केंद्र के आदेश के बावजूद अभी तक एक महीने के वेतन बराबर तदर्थ बोनस का पत्र राज्य सरकार ने जारी नहीं किया है। 4 नवंबर को दिवाली का पर्व है। इससे पहले 30 व 31 अक्तूबर को 1 नवंबर को अवकाश है।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अक्तूबर के वेतन व पेंशन का भुगतान दिवाली से पहले करने की मांग की है। कर्मचारी व पूर्व कर्मचारी इसी 29 तारीख को वेतन व पेंशन चाहते हैं। अभी तक वेतन दिवस घोषित न होने से कर्मचारियों और पेंशनर्स में रोष है।
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संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि केंद्र के आदेश के बावजूद अभी तक एक महीने के वेतन बराबर तदर्थ बोनस का पत्र राज्य सरकार ने जारी नहीं किया है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। 4 नवंबर को दिवाली का पर्व है। इससे पहले 30 व 31 अक्तूबर को शनिवार, रविवार, 1 नवंबर को हरियाणा दिवस का राजपत्रित अवकाश है। 2 व 3 नवंबर को ही कार्य दिवस है। उसके बाद फिर 5 नवंबर का वैकल्पिक अवकाश, 6-7 नवंबर का शनिवार व रविवार है।
इसलिए 29 अक्तूबर को वेतन दिवस घोषित कर सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, कच्चे कर्मियों व पेंशनर्स को वेतन, पेंशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने 22 अक्तूबर को पत्र लिखा था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई न होने पर कर्मचारी निराश हैं। पत्र की प्रति मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान साचिव, प्रधान साचिव, अतिरिक्त प्रधान सचिव, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य साचिव व मुख्य सचिव को भी भेजी थी।
वोकेशनल शिक्षकों पर लाठीचार्ज गलत, मांगें जायज
सर्व कर्मचारी संघ ने वोकेशनल शिक्षकों पर लाठीचार्ज की निंदा की है। मंगलवार को संघ के जिला सचिव विजय पाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणधीर सिंह राघव, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से राजेंद्र सिंह ने शिक्षकों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने इनकी मांगों को जायज ठहराया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि विभाग में कार्यरत 157 टीचर्स को 48112 रुपये वेतन दिया जा रहा है तो बाकी 2278 टीचर्स को क्यों नहीं। समान काम करने वाले टीचर्स के वेतन में 24871 रुपये का अंतर किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।