चंडीगढ़। यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया शुक्रवार को सेक्टर 36 के एमसीएम डीएवी कॉलेज में आयोजित चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के वार्षिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने हिंदी, पंजाबी, संस्कृत और अंग्रेजी भाषाओं के कुल 8 वरिष्ठ साहित्यकारों को अवार्ड ऑफ रिकग्निशन से सम्मानित किया। 10 लेखकों को सर्वश्रेष्ठ पुस्तक पुरस्कार, 6 को पांडुलिपि पुरस्कार और 1 को युवा पुरस्कार प्रदान किया गया। पहली बार बाल पुरस्कार की शुरुआत की गई, जिसमें 15 बच्चों को सम्मानित किया गया।
राज्यपाल ने साहित्य को समाज का दर्पण और मानवता का प्रकाश स्तंभ बताया। उन्होंने लेखकों से भारतीय संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और नैतिक मूल्यों को अपनी कृतियों में केंद्रित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर पर्यटन-सह-सांस्कृतिक कार्य सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह, चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष मनमोहन सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. अनीश गर्ग, सम्मानित साहित्यकार, विशिष्ट अतिथि, वरिष्ठ एवं युवा लेखक, शिक्षाविद्, विद्यार्थी तथा विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमियों से जुड़े साहित्य प्रेमी भी उपस्थित रहे।
इन्हें मिला सम्मान
अवॉर्ड ऑफ रिकग्निशन के तहत डॉ. लखवीर सिंह, डॉ. गुरपाल सिंह संधू, डॉ. सुलेखा शर्मा, डॉ. संतोष के. शर्मा, डॉ. माधव कौशिक, डॉ. रौनकी राम, विवेक अत्रे तथा डॉ. विक्रम कुमार विवेकी को सम्मानित किया गया। हरलीन कौर को अंग्रेजी भाषा के लिए युवा पुरस्कार प्रदान किया गया।
तीनों भाषाओं के रचनाकार सम्मानित
बेस्ट बुक ऑफ द ईयर अवॉर्ड में अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी भाषा की विभिन्न विधाओं के रचनाकारों को सम्मान मिला। अंग्रेजी में सुनैना जैन को कविता तथा हरीश जैन को नाटक के लिए सम्मानित किया गया।
हिंदी वर्ग में कृष्ण कुमार को कहानी, मंजू वर्मा को उपन्यास, रेखा मित्तल को कविता और बृज भूषण शर्मा को गद्य के लिए पुरस्कार मिला। पंजाबी वर्ग में मनजीत कौर, गोवर्धन गब्बी, डॉ. जसपाल सिंह तथा जगदीप सिद्धू को सम्मानित किया गया।