यूटी प्रशासन के बिजली विभाग ने अगले साल के एग्रीगेट रेवेन्यू रिक्वायरमेंट (एआरआर) को तैयार करने के लिए एक प्राइवेट कंपनी को कंसलटेंट नियुक्ति किया है।
कंसलटेंट को ही यह तय करना है कि अगले साल बिजली के रेट में बढ़ोतरी होगी या नहीं? प्रशासन को अगले माह ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) के पास इस संबंध में याचिका दायर करनी है।
हालांकि वर्ष 2014-15 के लिए एआरआर भेजने की अंतिम तिथि 30 नवंबर थी। प्रशासन ने जेईआरसी से कुछ समय की मोहलत मांगी है।
मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए कंसलटेंट ने बिजली के रेट में बढ़ोतरी करने की सिफारिश की थी और इसी के आधार पर प्रशासन के बिजली विभाग ने जेईआरसी के पास याचिका दायर की थी। जेईआरसी ने इस याचिका को स्वीकार नहीं किया था।
चंडीगढ़ में मल्टी ईयर टैरिफ लागू करने का प्रस्ताव एक साल के लिए टल गया है। अब यह प्रस्ताव 2015 से तीन से पांच सालों के लिए लागू होगा।
जेईआरसी ने शहर में मल्टी ईयर टैरिफ प्लान को लागू करने से पहले शहर के लोगों की राय ली है। जेईआरसी ने पहले इसे 2014 से लागू करने को कहा था और प्रशासन के बिजली विभाग से तीन से पांच सालों के लिए एआरआर भेजने को कहा था।
मल्टी ईयर टैरिफ प्लान तीन से पांच सालों के लिए लागू हो जाने के बाद शहर में बिजली के रेट में हर साल बढ़ोतरी नहीं होगी। अभी प्रशासन हर साल जेईआरसी को एआरआर भेजता है।