इस गर्मी में आप चंडीगढ़ में भी लंबे बिजली कट झेलने को तैयार रहें, क्योंकि जरूरत के मुताबिक बिजली उपलब्ध नहीं है। चंडीगढ़ में जहां भीषण गर्मी पढ़ रही है, वहां बिजली निगम के दावे भी फेल होते नजर आ रहे हैं। लगातार अघोषित कट लग रहे हैं, लोग परेशान हैं। मौजूदा समय में बिजली की जरूरत 350 मेगावॉट है, लेकिन अभी शहर को 310 मेगावॉट ही बिजली उपलब्ध हो पा रही है। मई में 40 मेगावॉट बिजली की कमी के कारण यह कट लग रहे हैं।
बिजली निगम के मुताबिक अधिक उमस भरी गर्मी के कारण जून से जुलाई में शहर में बिजली का लोड पिछले साल 400 मेगावॉट चला गया था। गर्मी बढ़ने पर विभाग को 90 मेगावॉट बिजली की व्यवस्था करनी पड़ती है, लेकिन अभी इसकी खरीद नहीं की गई है। वहीं चंडीगढ़ में गर्मी से पहले दिसंबर से फरवरी तक 248 मेगावॉट की खपत थी।
इसलिए जल रहे ब्रेकर
बिजली निगम की ओर से 16 उप स्टेशनों में 2400 से अधिक ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। यह सब अपना निर्धारित समय पूरा कर चुके हैं, लेकिन इन्हें रिपेयर कर काम चलाया जा रहा है। इस तरह की स्थिति में लोड बढ़ने पर इंडस्ट्रियल एरिया 66 केबी सब स्टेशन का ब्रेकर जलने से बिजली कट लग गया था।
12 साल से नहीं बदले गए ट्रांसफार्मर
बिजली निगम की ओर से लगाए गए ट्रांसफार्मर 10 साल में बदले जाते हैं, लेकिन चंडीगढ़ में 2004 के बाद नए ट्रांसफार्मर लगाए ही नहीं गए। वहीं ट्रांसफार्मर पर लगाए गए कंडक्टर 30 साल से नहीं बदले गए हैं। बिजली निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर एमपी सिंह ने बताया कि बिजली के अघोषित कट न लगे, इसके लिए जम्मू से 45 मेगावॉट बिजली खरीदी जाएगी। अगर गर्मी और बढ़ेगी तो एनटीपीसी समेत अन्य जगह से भी हम बिजली खरीदेंगे।