अदानी की बिजली सस्ती मिलने से हरियाणा ने अपने कुछ बिजली उत्पादन यूनिट बंद कर दिए हैं। अपने प्लांटों की बिजली अदानी से महंगी पड़ रही है। यह दावा बिजली निगमों के प्रवक्ता ने बुधवार को जारी बयान में किया है।
प्रवक्ता ने कहा कि बिजली निगमों ने बिजली सप्लाई के लिए 60 से ज्यादा स्रोतों के साथ 10,000 मेगावाट के अनुबंध कर रखे हैं। इनमें अपने बिजली उत्पादन प्लांटों की 3230 मेगावाट, बीबीएमबी की 829, एनटीपीसी, एनएचपीसी, परमाणु बिजली जैसे केंद्रीय प्लांटों की 2560 मेगावाट बिजली शामिल है।
इसके अलावा अदानी पावर, टाटा पावर, जीएमआर, जेपी ग्रुप, रिलायंस, चाइन लाइट पावर जैसी स्वतंत्र निजी बिजली उत्पादकों के साथ भी 3360 मेगावाट के अनुबंध हैं।
उन्होंने बताया कि 2008 में बिजली निगमों ने अदानी पावर के साथ 1424 मेगावाट के लिए 25 साल का खरीद समझौता किया था। यह आजकल 3.26 रुपये प्रति यूनिट (1.12 रुपये निश्चित मूल्य और 2.14 रुपये प्रति यूनिट वेरिएबल कास्ट) मिल रही है।
इसकी तुलना में हरियाणा बिजली उत्पादन निगम की बिजली अप्रैल, 2013 से फरवरी 2014 के बीच पानीपत थर्मल पावर प्लांट में यूनिट नंबर 5, 6, 7, की बिजली क्रम से 3.51 रुपये, 3.44 रुपये, 3.40 रुपये, 3.38 रुपये प्रति यूनिट मिली है।
इस अवधि के दौरान, यमुनानगर थर्मल प्लांट से 2.89 रुपये प्रति यूनिट और खेदड़ थर्मल प्लांट की बिजली 3.23 रुपये प्रति यूनिट मिली।
प्रवक्ता ने बताया कि एटा, अररिया, दादरी, फरीदाबाद गैस, कहलगांव, फरक्का जैसी इकाईयों की बिजली अदानी और चाइना लाइट पावर की बिजली से महंगी है। उल्लेखनीय है कि पानीपत थर्मल प्लांट की कई यूनिट बंद रखी हुई हैं।